बेंगलुरु , मई 21 -- कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता आर अशोक ने गुरुवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पड़ोसी जिलों में "बेंगलुरु" ब्रांड का विस्तार रियल एस्टेट लॉबी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया है, जबकि शहर की बिगड़ती कानून व्यवस्था और नागरिक बुनियादी ढांचे की अनदेखी की जा रही है।

कर्नाटक विधानसभा के विपक्ष के नेता श्री अशोक ने 'एक्स' पर पोस्ट किए गए अपने बयान में दावा किया कि सिद्दारमैया सरकार मुख्य रूप से जमीन की कीमतों को बढ़ाने और रियल एस्टेट हितों को लाभ पहुंचाने के लिए आसपास के जिलों को "बेंगलुरु" टैग दे रही है।

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजधानी में सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं को दूर करने की तुलना में क्षेत्रीय ब्रांडिंग और भूमि विकास में अधिक रुचि दिखाई है। उन्होंने दावा किया कि बेंगलुरु भारत के "सिलिकॉन शहर" से तेजी से "अपराध शहर" में बदल रहा है और शहर में हिंसक अपराध, साइबर धोखाधड़ी, नशीले पदार्थों की तस्करी तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि का हवाला दिया। उनका कहना है कि बेंगलुरु में 2024 में 176 हत्या के मामले दर्ज किए गए, जबकि इस दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4,748 मामले दर्ज किए गए , जिनमें 16 सामूहिक दुष्कर्म के मामले भी शामिल हैं।

श्री अशोक ने बेंगलुरु को "साइबर अपराध की राजधानी" बताते हुए आरोप लगाया कि एक ही वर्ष में 17,561 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए। नशीले पदार्थों की गतिविधियों के कथित प्रसार पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने दावा किया कि शहर में गांजा और हेरोइन सहित 98.69 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की गई है, जबकि संगठित ड्रग नेटवर्क बेरोकटोक काम करना जारी रखे हुए हैं।

भाजपा नेता ने वरिष्ठ नागरिकों तथा नाबालिगों को निशाना बनाकर किए जा रहे अपराधों पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में नाबालिगों से जुड़े अपराधों में तीव्र वृद्धि हुई है।

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