नयी दिल्ली , मई 08 -- भारत के सार्वजनिक सेवा प्रसारक प्रसार भारती ने रंग भवन ऑडिटोरियम में डॉक्यूमेंट्री "बिछरपुर - जुनून फुटबॉल का" की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की।
इस आयोजन में भारतीय और वैश्विक फुटबॉल जगत से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में जमीनी स्तर पर फुटबॉल के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। यह डॉक्यूमेंट्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न को दर्शाती है, जिसमें खेलों को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक बदलाव का प्रभावी माध्यम बताया गया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर हरि रंजन राव, सचिव, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा महानिदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण; प्रसून जोशी; और गौरव द्विवेदी सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण, विभिन्न फुटबॉल क्लबों के प्रतिनिधि, प्रशिक्षक, शिक्षाविद् तथा देशभर से आए युवा फुटबॉल खिलाड़ियों ने भी सहभागिता की।
इस अवसर का विशेष आकर्षण मध्य प्रदेश के बिछरपुर गांव के वे युवा फुटबॉल खिलाड़ी रहे, जिन्होंने उन्नत प्रशिक्षण के लिए जर्मनी का दौरा किया था। अपने प्रशिक्षकों और मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ उपस्थित इन खिलाड़ियों ने डॉक्यूमेंट्री में दिखाई गई प्रेरणादायक यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने खेलों के व्यापक सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए जमीनी स्तर की प्रेरणादायक कहानियों के दस्तावेजीकरण की सराहना की। उन्होंने कहा, "यह डॉक्यूमेंट्री केवल एक फिल्म बनकर नहीं रहेगी, बल्कि देशभर के युवाओं और गांवों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। ऐसी कहानियां दिशा देती हैं, आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और युवाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करती हैं। सम्मान और प्रोत्साहन युवा मन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"उन्होंने डॉक्यूमेंट्री से जुड़े डीडी स्पोर्ट्स की पूरी टीम और सम्मानित युवा खिलाड़ियों को भी बधाई दी और कहा कि प्रतिभाओं को मंच देना राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक प्रेरणा को मजबूत करता है।
यह डॉक्यूमेंट्री मध्य प्रदेश के आदिवासी गांव बिछरपुर की असाधारण कहानी को प्रस्तुत करती है, जहां फुटबॉल सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। प्रेरणादायक कहानी, संघर्ष, एकता और अवसरों को दर्शाते हुए यह फिल्म बताती है कि खेल किस तरह युवाओं के जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।
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