जोधपुर , मई 22 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक होने और विपक्ष के नेता जैसे बेहद जिम्मेदार संवैधानिक पद पर बैठने के बावजूद अपने पद की प्रतिष्ठा, गरिमा और उत्तरदायित्व को महसूस नहीं कर पा रहे हैं।

श्री शेखावत ने शुक्रवार को यहां मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कटाक्ष किया कि बच्चा तो बड़ा हो गया, लेकिन बुद्धि अभी बच्चे जैसी ही बनी है और श्री गांधी आज भी उसी 'बालक बुद्धि' मानसिकता के साथ बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरी वैश्विक व्यवस्था चरमराई हुई है। दुनिया एक अस्थिर और तनावपूर्ण वैश्विक स्थिति (टर्बुलेंट जियोपॉलिटिकल सिचुएशन) से गुजर रही है। विश्व अब बहुध्रुवीय (मल्टीपोलर) हो चुका है। ऐसे संकट के समय में पूरी दुनिया भारत की तरफ एक नयी आशा और विश्वास की दृष्टि से देख रही है और हर देश भारत को अपना पार्टनर बनाने के लिए आतुर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यह बेहद सफल यात्रा देश के व्यापक हितों और भविष्य के 'विकसित भारत' के निर्माण के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक रही है। इस दौरान कटिंग एज टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डिफेंस इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, नॉर्डिक देशों के साथ वॉटर टेक्नोलॉजी और नॉर्वे के साथ 'मोबिलिटी एग्रीमेंट' जैसे बेहद महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट के इस दौर में भारत के हितों के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री का संयुक्त अरब अमीरात का दौरा भी रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण था।

श्री शेखावत ने आरोप लगाते हुए कहा कि दुर्भाग्य से श्री गांधी ने देश के व्यापक हितों से जुड़े इन गंभीर और ऐतिहासिक वैश्विक समझौतों को लेकर भी बचकानी टिप्पणियां एवं गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी की और देश में एक 'फॉल्स नैरेटिव' खड़ा करने की नाकाम कोशिश की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से जुड़ा एक ऐतिहासिक उदाहरण सामने रखते हुए याद दिलाया कि जब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी श्रीलंका के दौरे पर थे और 'गार्ड ऑफ ऑनर' के समय उन पर हमला करने की कोशिश की गयी थी, तब भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष में होने के बावजूद उस हमले को किसी एक दल या नेता पर नहीं, बल्कि भारत की प्रतिष्ठा और संप्रभुता पर हमला माना था। भाजपा ने पूरी ताकत के साथ तत्कालीन कांग्रेस सरकार का साथ दिया और उस हमले का पुरजोर खंडन किया और उसकी कड़ी निंदा की थी।

उन्होंने कहा कि भारत में यह परंपरा रही है कि प्रधानमंत्री जब भी देश से बाहर जाते हैं तो सभी दल देश के व्यापक हितों को सर्वोपरि रखते हैं और कभी उन पर छिछोरी टिप्पणियां नहीं करते, लेकिन आज श्री राहुल गांधी इस महान परंपरा को मटियामेट कर रहे हैं।

श्री शेखावत ने श्री गांधी के नेतृत्व पर प्रहार करते हुए कहा कि देश की जनता अब उनके इस रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है। हाल में पांच राज्यों में हुए चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता ने चार राज्यों में कांग्रेस को सर्वथा नकार दिया और पूर्ण रूप से अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने तंज कसा कि श्री गांधी की इसी 'बच्चा बुद्धि' और कमजोर नेतृत्व के कारण कांग्रेस अब सिमटते-सिमटते दक्षिण में सिर्फ केरल और उत्तर में हिमाचल प्रदेश जैसे एक छोटे से राज्य तक ही सीमित रह गयी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की मानसिकता के साथ कांग्रेस का नेतृत्व काम कर रहा है, अब तो बस इसी बात का इंतजार है कि जनता कब इन्हें राजनीतिक हाशिए से भी पूरी तरह समाप्त कर देगी।

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