कारतागी , सितंबर 05 -- कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने शनिवार को कहा है कि 'बल्लारी चलो' पदयात्रा जन-आंदोलन बन गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की पांच दिन पुरानी 'बल्लारी चलो' पदयात्रा कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक अभियान में बदलने की कोशिश है।

श्री येदियुरप्पा ने दावा किया कि जनता से मिल रही अच्छी प्रतिक्रियाओं की वजह से मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को उत्तरी कर्नाटक में सूखे की स्थिति पर ध्यान देना पड़ा।

उन्होंने दिन की पदयात्रा से पहले कारतागी में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पदयात्रा 'धीरे-धीरे एक जन-आंदोलन में बदल रही है' और दावा किया कि इस प्रतिक्रिया से मुख्यमंत्री परेशान हो गये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री शिवकुमार द्वारा सूखे से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने और हरे रंग का शॉल पहनकर उत्तरी कर्नाटक का दौरा करने को भाजपा के आंदोलन से जोड़ा।

उन्होंने कहा, " हमारे संघर्ष ने मुख्यमंत्री को सूखे का जायजा लेने के लिए हेलीकॉप्टर से आने पर मजबूर कर दिया। पहली बार उन्होंने हरे रंग का शॉल भी पहना और उत्तरी कर्नाटक का दौरा किया। यह हमारे आंदोलन की एक बड़ी जीत है। "भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा का सम्मान करने की श्री शिवकुमार की चेतावनी का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना किसानों की परेशानी के कारण थी और इसका मकसद संवैधानिक पद का अपमान करना नहीं था।

उन्होंने कहा, " मैंने मुख्यमंत्री पद का अपमान करने वाले तरीके से बात नहीं की। मैंने किसानों की तकलीफ देखकर दुख में यह बात कही। "श्री विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए इसे लोकप्रिय प्रशासन के बजाय 'विज्ञापन वाली सरकार' करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया, " विज्ञापन जारी करने के अलावा सरकार ने कुछ नहीं किया है।"उन्होंने 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपये से जुड़े आरोपों पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों से जवाब मांगा। उन्होंने 'गारंटी कार्यान्वयन समिति' के कामकाज पर भी सवाल उठाये और पूछा कि लाभार्थियों तक कोष न पहुंचने के आरोपों के बावजूद कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गयी।

श्री विजयेंद्र ने 'शक्ति गारंटी' के कार्यान्वयन पर निशाना साधते हुए दावा किया कि ग्रामीण इलाकों में महिलाएं बस सेवा की कमी के कारण स्कूल और कॉलेज पहुंचने में संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के कार्यकाल में शुरू की गयी साइकिल योजना को बंद करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को कल्याणकारी घोषणाओं पर निर्भर रहने के बजाय उत्तरी कर्नाटक को औद्योगिक और रोजगार का केंद्र बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, " उत्तरी कर्नाटक में बड़े उद्योग लाएं। अगर ऐसा मुमकिन नहीं है, तो रोज़गार के मौके बनाएं और शिक्षकों की भर्ती करें। स्कूल तो हैं, लेकिन शिक्षक नहीं हैं।"उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत वादा किया गया चावल देनेमें नाकाम रही है और बीपीएल कार्ड कम करके गरीबों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एससीएसपी-टीएसपी कार्यक्रम के लिए रखे गए कोष को गारंटी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और सिंचाई परियोजनाओं को ज़रूरी प्राथमिकता नहीं मिल रही है।

श्री विजयेन्द्र ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के मकसद से शराब की दुकानें बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को अपनी ही पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष का सामना करना पड़ रहा है, और सत्ताधारी पार्टी के विधायक सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन ने "काम करना शुरू किया है" या नहीं।

उन्होंने सूखे के हालात के बीच कहा कि केंद्र से अतिरिक्त मदद मांगने से पहले राज्य सरकार को अपने संसाधनों से किसानों को राहत देनी चाहिए।

श्री विजयेन्द्र ने बेंगलुरु की फेरीवाली निंगम्मा को हटाए जाने का मुद्दा उठाकर पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के साथ सरकार के बर्ताव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निंगम्मा ने अपने इडली के धंधे से रोज़ी-रोटी का ज़रिया बनाया था, उनकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'मन की बात' में तारीफ़ की थी, लेकिन अब उन्हें हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, " स्ट्रीट वेंडिंग समाज के सभी वर्गों के लोगों की रोज़ी-रोटी का ज़रिया है। उन्हें कोई विकल्प दिये बिना नहीं हटाया जाना चाहिए। "भाजपा नेता ने मांग की कि सरकार हटाने की कार्रवाई करने से पहले स्ट्रीट वेंडर्स को उपयुक्त वैकल्पिक जगह मुहैया कराये।

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