लखनऊ , फरवरी 11 -- राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे. एन. तिवारी ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को कर्मचारियों के हितों की उपेक्षा करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट बुनियादी ढांचे, निवेश और विकास की बात तो करता है, लेकिन प्रदेश के लाखों कर्मचारियों से जुड़ी दीर्घकालीन नीतियों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
जे.एन. तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों को इस बजट से पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) की बहाली, नई पेंशन योजना को अधिक कल्याणकारी बनाने, संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थायी समाधान और दैनिक वेतनभोगियों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की उम्मीद थी, लेकिन इन मुद्दों पर बजट मौन रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े हैं, जिससे जनसेवा प्रभावित हो रही है। सरकार को विभागवार भर्ती कैलेंडर घोषित करना चाहिए था। संविदा कर्मियों के स्थायीकरण के लिए चरणबद्ध नीति का अभाव भी चिंता का विषय है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित