मुंबई , अक्टूबर 01 -- भारतीय मूल के पायलट स्मित मच्छार ने अपनी जान की परवाह किये बिना फ्लाईदुबई के विमान को दुर्घटना से बचाकर भले ही खूब वाहवाही बटोरी हो, लेकिन उनका मानना है कि वह सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
श्री मच्छार ने यूनीवार्ता से फोन पर विशेष बातचीत में बेहद विनम्रता के साथ उस खौफनाक घटना को याद करते हुए कहा, "एक पायलट के तौर पर मैं सिर्फ अपना काम कर रहा था। प्लेन सुरक्षित लैंड हो गया और सब सुरक्षित हैं, मेरे लिये यह काफी है।"यह दिल दहला देने वाली घटना दुबई से इज़रायल जा रही एक फ्लाईदुबई फ़्लाइट में हुई। उड़ान के दौरान, विमान के को-पायलट का व्यवहार अचानक हिंसक हो गया। बताया जाता है कि उसने कैप्टन मच्छार पर हमला किया और कथित रूप से विमान को हाईजैक करके क्रैश करने की कोशिश की।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बाद में इसे 9/11 जैसे संभावित आत्मघाती हमले की घटना बताया।
गंभीर चोटें लगने और खून बहने के बावजूद, कैप्टन मच्छार ने बहादुरी से मुकाबला किया, इमरजेंसी प्रोटोकॉल एक्टिवेट किए और कॉकपिट का दरवाज़ा खुलवाया। इससे सतर्क क्रू मेंबर और बहादुर यात्री अंदर पहुंच पाए, हमलावर को काबू में किया और इमरजेंसी लैंडिंग से पहले विमान को सुरक्षित स्थिति में लाया।
9,700 से ज़्यादा घंटे उड़ान भरने का अनुभव रखने वाले कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से मुंबई के घाटकोपर के रहने वाले हैं। विमान को-पायलट का कॉकपिट में हमला कथित तौर पर एक बड़े आतंकवादी हमले को दोहराने की कोशिश थी। सूझ-बूझ दिखाने वाले यात्रियों और क्रू ने बीच-बचाव किया और खतरे को टाल दिया, जिससे सभी लगभग 180 यात्री सुरक्षित बच गए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने श्री मच्छार को मुंबई का "असली हीरो" बताया, साथ ही दुनिया भर से उनके प्रति गहरा आभार व्यक्त करने वाले संदेश भी आए।
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