रायगढ़ , अक्टूबर 31 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आगामी 11 नवंबर को अडानी समूह द्वारा संचालित भूमिगत कोल माइंस के पर्यावरण सहमति को लेकर प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार मेसर्स अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के कर्मचारी खीतीभूषण डनसेना पर आरोप है कि उन्होंने बरतापाली और सागरपुर गांव के कुछ ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर कंपनी के पक्ष में फर्जी ज्ञापन तैयार कर धरमजयगढ़ एसडीएम कार्यालय में सौंपा।
इस ज्ञापन में उल्लेख किया गया था कि "कुछ असामाजिक तत्व ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं।" पर जब यह बात प्रस्तावित जनसुनवाई क्षेत्र के गांव पुरुंगा, साम्हरसिंघा और तेंदूमुड़ी के ग्रामीणों को पता चली, तो उन्होंने बरतापाली में बैठक कर मामले की सच्चाई सामने लाई।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के लोग आपसी फूट डालकर जनसुनवाई में अपने पक्ष में माहौल बनाना चाहते हैं। बैठक के बाद ग्रामीणों का एक दल धरमजयगढ़ एसडीएम कार्यालय पहुंचा और गुरुवार को दिए गए ज्ञापन को फर्जी बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कंपनी के कर्मचारी खीतीभूषण डनसेना पर कार्रवाई की मांग की है।
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