ढाका/इस्लामाबाद , जुलाई 03 -- पाकिस्तान-बंगलादेश ने गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र के क्षमता निर्माण और उच्च शिक्षा में सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है।
दोनों देशों ने यह प्रतिबद्धता ऐसे समय जतायी है , जब 'पाकिस्तान-बंगलादेश नॉलेज कॉरिडोर' पहल के तहत बंगलादेश के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने लाहौर में राष्ट्रीय सार्वजनिक नीति विद्यालय (एनएसपीपी) का दौरा किया।
बंगलादेश के उच्चायुक्त मोहम्मद इकबाल हुसैन खान के नेतृत्व में आये एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने एनएसपीपी के नेतृत्व के साथ बैठक की। इस प्रतिनिधिमंडल में उप उच्चायुक्त फजल लोहानी बाबू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने सिविल सेवा प्रशिक्षण, अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों में सहयोग मजबूत करने को लेकर चर्चा की।
अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय लोक नीति संस्थान (एनआईपीपी) और कार्यकारी विकास संस्थान (ईडीआई) संचालित नीति अनुसंधान, कार्यकारी शिक्षा और विशिष्ट प्रशिक्षण पहलों के बारे में जानकारी दी। दोनों पक्षों ने शासन सुधारों, नेतृत्व विकास और लोक प्रशासन में सर्वोत्तम तौर-तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। यह बातचीत व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पारस्परिक भागीदारी, संकाय आदान-प्रदान, संस्थागत साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान पहलों और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रबंधन में विशेषज्ञता साझा करने के माध्यम से 'नॉलेज कॉरिडोर' ढांचे के तहत सहयोग को व्यापक बनाने पर केंद्रित रही।
यह पहल बंगलादेश की विदेश नीति की रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व में एक दशक से अधिक समय तक बंगलादेश का रुख पूरी तरह से भारत के पक्ष में रहा था, क्योंकि बंगलादेश के वरिष्ठ नौकरशाहों और शिक्षाविदों को प्रशिक्षण देने के लिए भारत ही प्राथमिक गंतव्य रहा है।
पूर्व मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के अंतरिम प्रशासन के तहत शुरू हुए राजनीतिक परिवर्तन के बाद से यह रुख मौजूदा प्रधानमंत्री तारिक रहमान की बीएनपी सरकार के तहत भी जारी दिखायी दे रहा है। इस सरकार ने भारत पर अपनी निर्भरता कम करने के प्रयास में पाकिस्तान के साथ अपने संस्थागत संबंधों को और गहरा किया है, जिसमें सिविल सेवकों को प्रशिक्षण के लिए लाहौर भेजना और 'पाकिस्तान-बंगलादेश नॉलेज कॉरिडोर' की स्थापना करना शामिल है। यह सहयोग केवल शिक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है, जहां दोनों देशों के उच्च स्तरीय अधिकारी रक्षा संबंधों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
दोनों देशों के अधिकारियों ने संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार पर सक्रिय रूप से चर्चा की है और संस्थागत एवं रणनीतिक संचार को गहरा करने के लिए एक संयुक्त कमान प्रणाली का प्रस्ताव भी रखा है। इसके साथ ही बंगलादेश-पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय पुलिस अकादमियों के बीच अधिकारियों के आदान-प्रदान और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के समझौतों के लिए भी प्रतिबद्ध हुए हैं। इसके अतिरिक्त बंगलादेश-पाकिस्तान ने राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों को 'आगमन पर वीजा' की सुविधा देने के लिए एक समझौता पत्र (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किये हैं। साथ ही व्यापारिक और पर्यटक यात्रा को आसान बनाने के लिए ढाका और कराची के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने को लेकर द्विपक्षीय बातचीत चल रही है।
इसके अलावा दोनों देश सार्वजनिक और निजी व्यापार क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत ढाका पाकिस्तानी खाद्य वस्तुओं, खाद्य तेलों, चनों, चीनी और यूरिया उर्वरकों के आयात को बढ़ाने का आक्रामक रूप से प्रयास कर रहा है।
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