रायपुर , सितंबर 06 -- छत्तीसगढ़ ने सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण के लिए संचालित केंद्र सरकार की 'नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम' (नमस्ते) योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान हासिल किया है।

योजना के तहत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के साथ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस उपलब्धि पर आज नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण बढ़ाकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अनुसार राज्य में अब तक 1,487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें 1,465 का सत्यापन हो चुका है। प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 1,428 कर्मियों को पीपीई किट और 1,374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण और 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशालाओं के माध्यम से सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।

योजना के तहत राज्य में 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें 6,799 का सत्यापन हो चुका है। इनमें 991 को पीपीई किट और 512 को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। शेष 6,287 वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी है।

स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था के तहत राज्य में 47 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ईआरएसयू) स्थापित की गई हैं। इनमें 14 नगर निगम, 24 जिला मुख्यालय और नौ अन्य नगरीय निकाय शामिल हैं। आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए 14420 हेल्पलाइन का भी संचालन किया जा रहा है।

राज्यों में 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के पैमाने पर किया गया। इसमें स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन, मशीनीकरण, ईआरएसयू एवं हेल्पलाइन संचालन, सामाजिक सुरक्षा कवरेज तथा स्वच्छता कार्य के दौरान मृत्यु के मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा और जवाबदेही जैसे मानकों को शामिल किया गया।

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