कानपुर , अप्रैल 22 -- विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार को कानपुर में ईदगाह कॉलोनी स्थित माँ कस्तूरबा गर्ल्स इंटर कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने पृथ्वी को बचाने के लिए सात संकल्प लिए। कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने लीफ कंपोस्ट बिन का उद्घाटन किया तथा विद्यालय परिसर में नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने गौरैया संरक्षण के लिए परिसर में लगाए गए 10 कृत्रिम घोंसलों की पहल की सराहना की।
जिलाधिकारी ने कहा कि सूखी पत्तियों से प्राकृतिक खाद तैयार करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम है, जो धरती को नुकसान पहुंचाए बिना उसे संवारने में सहायक है। उन्होंने कहा कि गौरैया सहित अन्य पक्षियों के संरक्षण के लिए कृत्रिम घोंसले उपयोगी साबित हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने हरियाली बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि पृथ्वी पर सभी जीव-जंतुओं का समान अधिकार है।
कार्यक्रम के अंतर्गत "स्वीट स्पैरो कम बैक होम" अभियान के तहत विद्यालय परिसर में 10 कृत्रिम घोंसले निःशुल्क स्थापित किए गए। अभियान के संस्थापक गौरव वाजपेयी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, तभी धरती को कंक्रीट के विस्तार से बचाया जा सकेगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. कामिनी अवस्थी ने जिलाधिकारी के आगमन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर छात्राओं अंजली शर्मा, जेबा और वरीशा ने पृथ्वी दिवस पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, विद्यालय प्रबंधन की इंदिरा डेम्बला, सरला सबनानी, कुसुम पांडेय, प्रेरणा संस्था एवं अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों सहित शिक्षकगण और छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।
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