वडोदरा , सितंबर 08 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत लोगों और सामान की आवाजाही को तेज करने, नए आर्थिक अवसर पैदा करने और विकास को गति देने के लिए अपने बुनियादी ढांचे को तेजी से मजबूत कर रहा है जबकि विपक्ष सरकार के बारे में देश में झूठ फैलाने में लगा है।
श्री मोदी ने किसी का नाम लिये बिना कहा कि 'झूठ की गूंज को सच के सामने हार मिलेगी'। वह विभिन्न क्षेत्रों में विकास की 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। वडोदरा का यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के लिए विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला करने का मंच भी बन गया। श्री मोदी ने उन लोगों पर निशाना साधा, जो उनके अनुसार देश की प्रगति को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने फिर से 'नाराज़ फूफा' वाली टिप्पणी दोहराई और कहा कि कुछ लोग देश की उपलब्धियों के बावजूद लगातार असंतुष्ट रहते हैं।
वडोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय (एमएसयू) के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा 'नमो फॉर विकसित भारत' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का बुनियादी ढांचे पर जोर विकसित भारत की नींव तैयार करने के उद्देश्य से है। इस कार्यक्रम में एक ही मंच पर युवाओं के साथ संवाद और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, युवा और नागरिक शामिल हुए।
श्री मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक विरोधी भारत के विकास से खुश होने में असमर्थ नजर आते हैं और लगभग हर मुद्दे पर शिकायत करते रहते हैं। परिवार में किसी समारोह के दौरान नाराज रहने वाले रिश्तेदार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष 'नाराज फूफा' की तरह व्यवहार कर रहा है, जो दूसरों की खुशियों और प्रगति के बीच भी असंतुष्ट रहता है।
श्री मोदी ने भारत की उपलब्धियों के बारे में उनके अनुसार 'झूठ की गूंज' पैदा करने की कोशिशों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "युवाओं का सच, झूठ की गूंज को हरा देगा।" मोदी ने जोर देकर कहा कि युवा भारतीय अंततः तथ्यों और गलत सूचनाओं के बीच अंतर समझ पाएंगे। उल्लेखनीय है कि विपक्ष के नेता -छात्रों की गूंज नाम से जगह जगह सभाएं कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "झूठ की गूंज युवाओं को गुमराह नहीं कर सकती," और आगे कहा कि "सच की जीत होगी।"मोदी की ये टिप्पणियां खास तौर पर उन प्रयासों के खिलाफ थीं, जिनमें भारत की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार और वास्तविकता को कमतर दिखाने की कोशिशें की गयी हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी बार-बार किए जाने वाले उन दावों से गुमराह नहीं होगी, जिनमें देश की प्रगति को महज दिखावा बताया जाता है।
उन्होंने कहा, "भारत इस समय चिप (माइक्रो चिप) से लेकर शिप (समुद्री पोत) तक , विनिर्माण की एक नयी गाथा लिख रहा है।"श्री मोदी ने कहा, "हम भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहे हैं, ताकि लोगों और सामान को तेजी से पहुंचाया जा सके, नए अवसर पैदा हों और आर्थिक विकास को गति मिले।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक परिवहन नेटवर्क विनिर्माण, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वडोदरा में इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण मालगाड़ियों के लिए विशेष पश्चिमी रेल-मार्ग (डब्ल्यूडीएफसी) के तीन महत्वपूर्ण खंडों के परिचालन का औपचारिक उद्घाटन था । प्रधानमंत्री ने इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। इस विशेष मालगाड़ी-मार्ग को देश के आर्थिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मोदी ने कहा, "डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहे भारत की जीवनरेखा है।"वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों के बीच माल की तेज और अधिक कुशल आवाजाही के लिए तैयार किया गया है। इससे पारंपरिक रेलवे मार्गों पर दबाव कम करने और लॉजिस्टिक्स की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर बंदरगाहों से संपर्क मजबूत करने और पश्चिमी तथा उत्तरी भारत में औद्योगिक सामान की आवाजाही को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बुनियादी ढांचे के विकास को देश की विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं से जोड़ते हुए मोदी ने कहा कि भारत औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, "चिप्स से लेकर शिप्स तक, भारत अब विनिर्माण का एक नया भविष्य तैयार कर रहा है।" उन्होंने घरेलू उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखलाओं और रणनीतिक विनिर्माण क्षमताओं पर सरकार के जोर को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने कई रेलवे, राजमार्ग और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं का भी शुभारंभ, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन पहलों का उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क में सुधार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना तथा आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
वडोदरा कार्यक्रम में युवाओं पर विशेष जोर दिया गया। इस कार्यक्रम को युवाओं और छात्रों तक पहुंच बनाने वाले प्रमुख कार्यक्रम के रूप में पेश किया गया था। कार्यक्रम में काफी रुचि देखने को मिली और बताया गया कि प्रवेश पास तेजी से बिक गए तथा बड़ी संख्या में लोगों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया।
युवाओं के साथ संवाद को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ जोड़ने का उद्देश्य विकास और भारत की भविष्य की आर्थिक संभावनाओं को एक-दूसरे से जुड़े विषयों के रूप में प्रस्तुत करना था। प्रधानमंत्री मोदी लगातार युवा भारतीयों को विकसित अर्थव्यवस्था बनने की भारत की महत्वाकांक्षा का प्रमुख वाहक बताते रहे हैं। इसके साथ ही वह आधुनिक बुनियादी ढांचे, विनिर्माण क्षमता और रोजगार के अवसरों की आवश्यकता पर भी जोर देते रहे हैं।
वडोदरा में शुरू की गई परियोजनाएं केंद्र सरकार के मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़ाने और माल तथा यात्रियों की आवाजाही को अधिक कुशल बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। विनिर्माण और निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर रही अर्थव्यवस्था के लिए समर्पित माल ढांचा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि कच्चे माल और तैयार उत्पादों की तेज आवाजाही से लॉजिस्टिक्स लागत कम हो सकती है और भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सकती है।
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