इंदौर , जुलाई 22 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि "छात्रों की गूंज" अभियान युवाओं की आवाज को लोकतंत्र के केंद्र में लाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार से सवाल पूछना भी प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार और दायित्व है।
कांग्रेस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार इंदौर के रवीन्द्र नाट्य गृह में आयोजित "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम में श्री पटवारी ने कहा कि जब युवा शिक्षा, रोजगार और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते हैं, तभी सरकार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान देने के बजाय समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में युवा बेरोजगारी की चुनौती का सामना कर रहे हैं, जबकि सरकार के पास इसका कोई ठोस समाधान नहीं है।
श्री पटवारी ने विभिन्न पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विकास में सभी सरकारों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को भी अपनी उपलब्धियों पर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि "छात्रों की गूंज" अभियान ने युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और नीति निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए।
फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड यूथ अफेयर्स के अध्यक्ष आर्यमन शुक्ला ने कहा कि देश की बड़ी आबादी युवा होने के बावजूद राजनीति में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने युवाओं के लिए सकारात्मक और लोकतांत्रिक वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में छात्र नेताओं ने भी शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, छात्र-छात्राएं और युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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