मुंबई , फरवरी 06 -- बॉलीवुड फिल्मकार नीरज पांडे का कहना है कि उन्होंने फिल्म 'घूसखोर पंडत' दर्शकों का मनोरंजन करने के उद्देश्य से बनाई है औरइसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है।

आरोप लगाया जा रहा है कि वेब सीरीज घूसखोर पंडित का शीर्षक एक विशेष समुदाय को लक्षित कर अपमानित करने के उद्देश्य से रखा गया है। फिल्मकार नीरज पांडे ने इस पर सफाई दी है और कहा है कि इस फिल्म का किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है।

नीरज पांडे ने बताया कि हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है। इसमें "पंडत" नाम सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए रखा गया है। यह कहानी किसी एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर आधारित है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है।

नीरज पांडे ने कहा एक फिल्ममेकर के रूप में, मैं अपने काम को जिम्मेदारी के साथ करता हूँ और हमेशा सोच-समझकर और सम्मान के साथ कहानियाँ पेश करता हूँ। यह फिल्म, मेरी पिछली फिल्मों की तरह, ईमानदारी से और केवल दर्शकों का मनोरंजन करने के उद्देश्य से बनाई गई है। हमें इस बात का एहसास है कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों के भावनाओं को ठेस पहुँची है, और हम उन भावनाओं का दिल से सम्मान करते हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री हटाने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखकर और कहानी को समझकर ही कोई राय बनाई जानी चाहिए, केवल कुछ हिस्से देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। मैं जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के सामने पेश करने के लिए उत्साहित हूँ।

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