नयी दिल्ली , जुलाई 21 -- अमेरिका द्वारा ज्यादातर कनाडाई उत्पादों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि उनकी सरकार अपने लोगों और कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय करेगी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को तीन प्रशासनिक आदेशों पर हस्ताक्षर किये। इनके जरिये कनाडा से आयात होने वाले लगभग सभी उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट में कहा गया है कि कनाडा द्वारा अमेरिका में बने वाहनों पर लगाये गये ऊंचे शुल्क के जवाब में अमेरिका ने आयात शुल्क बढ़ाये हैं। आदेश के अनुसार, नये शुल्क 19 अगस्त से प्रभावी होंगे।

इस आदेश के दायरे से ऊर्जा, पोटाश और सेक्शन 232 के तहत आने वाले उत्पादों को बाहर रखा गया है। साथ ही मछली और महत्वपूर्ण खनिजों को भी अतिरिक्त शुल्क से छूट दी गयी है।

श्री कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा है कि अमेरिका का यह कदम कनाडा, अमेरिका और मेक्सिको के बीच मुक्त व्यापार संधि का उल्लंघन है। उन्होंने कहा है कि हर हाल में अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और कनाडाई कामगारों, किसानों, कारोबारियों तथा परिवारों के समर्थन के लिए कनाडा सभी आवश्यक उपाय करेगा।

कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका के आयात शुल्क बढ़ाने के अमेरिकी लोगों को ज्यादा कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि कनाडा अमेरिका के साथ बात कर दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए समाधान खोजने के लिए तैयार है।

श्री ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि कनाडा सिर्फ अमेरिका में बने वाहनों पर ही अतिरिक्त शुल्क लगाता है। इससे अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच एक साल में कनाडा में अमेरिकी वाहनों की बिक्री तकरीबन 22 प्रतिशत गिर गयी है। मूल्य के लिहाज से यह गिरावट 5.6 अरब डॉलर है। वहीं, इस कमी को पूरा करने के लिए कनाडा में दूसरे देशों से वाहन आयात बढ़ गया है।

इसी प्रकार, कनाडा के दो प्रांतों को छोड़कर अन्य सभी ने अमेरिकी शराबों की खरीद, वितरण और खुदरा बिक्री रोक दी है। इससे कनाडा में अमेरिकी शराब की बिक्री मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक 81 प्रतिशत गिर गयी है और राजस्व में 58.2 करोड़ डॉलर की कमी आयी है।

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