जशपुर , दिसंबर 05 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के साईंटांगरटोली में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे "ऑपरेशन शंखनाद" का सकारात्मक असर दिखा जिसमें लंबे समय से गौ-तस्करी में संलिप्त रहे कुख्यात आरोपी अमजद हजाम उर्फ बबलू ने अपराध की दुनिया छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर गुरुवार को उसके नए "बबलू शंख ढाबा" का लोकार्पण हुआ, जहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह पहले ग्राहक बने और ढाबा की चाय पीकर उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
एसएसपी कार्यालय से शुक्रवार को मिली जानकारी के मुताबिक,अमजद, जो गौ-तस्करी के तीन मामलों में वांछित था और कई महीनों तक फरार रहने के बाद उसने पुलिस दबाव में आकर आत्मसमर्पण किया। जेल से रिहा होने के बाद सीधे एसएसपी से मिला। इसी मुलाकात में एसएसपी ने उसे समझाया कि अपराध का कोई भविष्य नहीं है और इससे केवल भय, असुरक्षा और परिवार काे संकट मिलता है। यह सलाह अमजद के जीवन में गहरा प्रभाव छोड़ गई, जिसके बाद उसने अपराधमुक्त जीवन अपनाने का निश्चय किया।
मुख्य मार्ग पर स्थित "बबलू शंख ढाबा" की शुरुआत को पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। उद्घाटन के दौरान एसएसपी ने ग्रामीणों और युवाओं से अपील की कि अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना ही स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा कि जशपुर पुलिस उन सभी का सहयोग करेगी जो ईमानदारी से सुधार कर नई शुरुआत करना चाहते हैं।
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