हरिद्वार , मई 05 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जिले में अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस ने बीते एक माह में व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने मंगलवार को इसका खुलासा किया है, उन्होंने गत तीन अप्रैल से तीन मई तक चलाए गए इस अभियान के आंकड़े सार्वजनिक किए।

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में कुल 771 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 96 वांछित, 26 इनामी और 431 वारंटी शामिल हैं। इसके अलावा, कानून-व्यवस्था भंग करने वाले 101 गुंडा तत्वों, 24 हिस्ट्रीशीटर्स, 843 शांति भंग करने वाले व्यक्तियों तथा 280 अन्य असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी गिरफ्तारी और चालानी कार्रवाई की गई।

पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन पर विशेष जोर देते हुए कुल 15,666 लोगों का सत्यापन किया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता में तीन, पुलिस एक्ट में 4006, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 394, अन्य मामलों में 49 और एक अवैध विदेशी नागरिक के विरुद्ध कार्रवाई की गई। बिना सत्यापन किराएदार रखने वाले मकान मालिकों और किराएदारों पर भी चालान की कार्रवाई की गई।

देर रात होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने 3543 होटल, बार, पब, क्लब और ढाबों की जांच की। अनियमितताएं पाए जाने पर 96 प्रतिष्ठानों को पूर्ण रूप से बंद कराया गया, जबकि 84 मालिकों और 216 अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

यातायात नियमों के उल्लंघन और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने 2543 चालान काटे। साथ ही 68 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 452 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा, पुलिस ने 25 अवैध शस्त्र भी बरामद किए।

एसएसपी सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में ऑपरेशन प्रहार आगे भी लगातार जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।

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