मुंबई , जून 29 -- महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) गुट में एक और संभावित टूट की लगातार चर्चाओं के बीच प्रदेश की राजनीति में हलचल बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में हाल ही में छह सांसदों के शामिल होने के बाद, अब शिवसेना (यूबीटी) विधायकों के एक अलग गुट को एकजुट करने की कोशिशें हो सकती हैं, जिसे कुछ राजनीतिक हलकों में "ऑपरेशन टाइगर 3.0" कहा जा रहा है।

इस दावे को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं कि ठाकरे गुट के 14 विधायक सत्ताधारी गठबंधन के साथ बातचीत के अंतिम चरण में हैं। इस संख्या को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य विधानसभा में गुट की कुल 20 विधायकों की संख्या का दो-तिहाई हिस्सा पूरा हो जाएगा। इससे संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के प्रावधानों से बचते हुए गुट में संभावित रूप से विभाजन हो सकता है।

यह अटकलें तब और तेज़ हो गईं जब शिवसेना के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया कि "ऑपरेशन टाइगर 3.0" पहले ही शुरू हो चुका है और 14 विधायकों के उपमुख्यमंत्री के खेमे में शामिल होने की उम्मीद है। शिंदे गुट के अन्य वरिष्ठ नेताओं, जिनमें मंत्री उदय सामंत भी शामिल हैं, ने आधिकारिक तौर पर ऐसे किसी भी "ऑपरेशन" से इनकार किया है। उनका कहना है कि भले ही विपक्ष के कई विधायकों ने अपनी मर्ज़ी से उनकी पार्टी में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन पार्टी पर कब्ज़ा करने की कोई औपचारिक कोशिश नहीं की जा रही है। हाल ही में ठाकरे गुट को कई झटके लगे हैं, क्योंकि उनके छह लोकसभा सदस्य सत्ताधारी गठबंधन में शामिल हो गए हैं। इसके बाद से उद्धव ठाकरे पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़ने और बागी सांसदों के चुनाव क्षेत्रों में समर्थन मज़बूत करने के लिए राज्यव्यापी दौरे पर निकले हैं।

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