पटना , जून 03 -- टना नगर निगम की ओर से शहर में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विकास कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित 'एक करोड़ पार्षद निधि योजना' 2.0 के अंतर्गत तीसरी किश्त के रूप में लगभग 6.16 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न प्रमंडलों को आवंटित कर दी गई है। इस आवंटन के साथ ही निगम मुख्यालय ने सभी प्रमंडलों को पूर्व में आवंटित राशि के उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) निर्धारित समयावधि में समर्पित करने तथा स्वीकृत परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
नगर निगम मुख्यालय स्तर पर सभी परियोजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है। इसके तहत वरीय पदाधिकारियों को समय-समय पर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि 'एक करोड़ पार्षद निधि योजना' 2.0 के अंतर्गत पहली किश्त में 30.97 करोड़ रुपये तथा दूसरी किश्त में लगभग 32.19 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न प्रमंडलों को उपलब्ध कराई गई थी। योजना के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क एवं नाला निर्माण से संबंधित कुल 912 विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनके लिए लगभग 73.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
योजना की प्रगति संतोषजनक रही है। अब तक स्वीकृत 912 परियोजनाओं में से 797 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं, जबकि शेष परियोजनाओं पर कार्य तेजी से जारी है। निगम प्रशासन ने संबंधित प्रमंडलों को निर्देश दिया है कि लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए ताकि नागरिकों को इसका लाभ शीघ्र मिल सके।
'एक करोड़ पार्षद निधि योजना' 2.0 के अंतर्गत सभी माननीय वार्ड पार्षदों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं एवं नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सड़क एवं नाला निर्माण परियोजनाओं की अनुशंसा की गई थी। परियोजनाओं की प्रगति के अनुरूप प्रमंडलों द्वारा चरणबद्ध तरीके से भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जाती है।
तीसरी किश्त जारी होने के बाद अधिकांश स्वीकृत परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों का आवंटन लगभग पूर्ण हो चुका है।
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