पटना , मार्च 24 -- बिहार में राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तीन दिनों तक बिहार की प्रगति और संस्कृति के उत्सव का केंद्र रहे 114वें बिहार दिवस समारोह का मंगलवार को समापन हो गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. बी. राजेन्द्र सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने प्रदेशवासियों को बिहार दिवस की बधाई दी और राज्य की विकास यात्रा का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व तथा सुदृढ़ विचारों के साथ 'उन्नत बिहार' का सपना साकार होता नजर आ रहा है । उन्होंने बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास में बिहार की छलांग को गर्व का विषय बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिक्षा मंत्री श्री कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों पर प्रकाश डाला। वहीं, अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र के कुशल मार्गदर्शन में विभाग के स्टॉल्स ने आधुनिक 'मॉडल स्कूल' और 'निपुण बिहार' की सफलता की गाथा पेश की।
इस अवसर पर विभाग के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन के प्रशासनिक समन्वय और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
आज की सांस्कृतिक संध्या में पापोन के सुर और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। समारोह के अंतिम दिन मुख्य मंच पर सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक पापोन (अंगराग महंत) की रूहानी आवाज़ ने हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही अन्य स्थलों पर भी कला की अविरल धारा बही।
श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में पंडित रामजी मिश्रा का ध्रुपद गायन, डॉ. एन. विजय लक्ष्मी का भरतनाट्यम देखने को मिला तो रविंद्र भवन में चंदन तिवारी के लोक गीत, 'बिहार दर्पण' नृत्य नाटिका और आलोक राज था अशोक कुमार प्रसाद की गजलों ने समां बांध लिया।
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