नयी दिल्ली , जून 18 -- कर्मचारी भाविष्य निधि योजना (ईपीएफओ) के अंशधारकों को उनके ईपीएफ खाते में 2025-26 के दौरान जमा राशि पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज के भुगतान को सरकार ने मंजूरी दी है। यह जानकारी गुरुवार को यहां सूत्रों ने दी और कहा कि ईपीएफ की जमाओं पर ब्याज की राशि इस माह खातों में हस्तांतरित की जा सकती है।

गौरतलब है कि गत 2 मार्च को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफ पर ब्याज 8.25 प्रतिशत रखे जाने का निर्णय लिया गया था और इसे अनुमोदन के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया था। सूत्रों ने कहा कि सीबीटी के निर्णय को अनुमादित कर दिया गया है।

यह लगातार तीसरा वर्ष है जब इस ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत के इसी स्तर पर बरकरार रखा गया है। वर्ष 2022-23 में ईपीएफ पर ब्याज 8.15 प्रतिशत थी। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर वर्ष 2020-21 के 8.50 प्रतिशत से घटाकर 8.10 प्रतिशत कर दी थी। यह चार दशकों में इसका न्यूनतम स्तर था । वर्ष 2025-26 में ईपीएफ खाताधारकों की संख्या सात करोड़ से अधिक थी।

ईपीएफओ के प्रबंधन के अंतर्गत 31.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सम्मति है। इसके कोष का 15 प्रतिशत शेयर प्रतिभूतियों में और 85 प्रतिशत सरकारी ऋण पत्रों और अन्य भरोसेमंद ऋण प्रतिभूतियों में निवेश किया जाता है।

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