नयी दिल्ली , फरवरी 17 -- बिहार सरकार 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो -2026' के दौरान पूर्वोत्तर भारत में अपने को एक उभरते सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र (आईटी हब) के रूप में प्रदर्शित करने की तैयारी में है।
बिहार सरकार के अनुसार राजधानी में सोमवार से शुरू हो रहे इस वैश्विक सम्मेलन में उसका पैवेलियन को भारत मंडपम के हॉल 5-एफ में स्टाल संख्या 8 और 12 में स्थापित किया गया है। राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार इस सम्मेलन में भाग ले रही बिहार की आईटी इकाइयों और स्टार्टअप को 16-20 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में शामिल हो रही 100 से अधिक देशों की बड़ी आईटी व एआई कंपनियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
बिहार सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार भारत मंडपम में इंडिया एआई सम्मेलन में बिहार मंडप से दुनिया को यह सन्देश देने का लक्ष्य है कि बिहार पूर्वोत्तर भारत के आईटी हब के रूप में विकसित होने के मार्ग पर अग्रसर है। राज्य सरकार ने हाल ही में बिहार जीसीसी पॉलिसी,2026 और बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी,2026 को मंजूरी दी है।
बिहार पैवेलियन का उद्घाटन मंगलवार को राज्य के माननीय उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे।
इस मौके पर केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह करेंगे जबकि बिहार की सूचना प्रावैधिकी मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह सहित बिहार के माननीय सांसदों एवं गणमान्य लोगों की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी।
बिहार पैवेलियन का पूरा प्रबंधन बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव श्री अभय कुमार सिंह और विशेष सचिव श्री अरविन्द कुमार चौधरी अपनी देखरेख में कर रहे हैं। इस दौरान बिहार सरकार की ओर से राज्य में नवाचार एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं भी की जा सकती हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी दुनिया की बड़ी कंपनियां हिस्सा लेने जा रही हैं। इस पांच दिवसीय आयोजन में 100 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लेने की पुष्टि की है। इसमें गूगल, एनवीडिया और ओपनएआई जैसी कई दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। साथ ही इन कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य एआई इकोसिस्टम से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाना और उन्हें आपस में जोड़ना है।
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