संगरूर , मई 15 -- पंजाब के पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला शुक्रवार ने कहा है कि सफाई कर्मचारी समाज का अहम हिस्सा हैं, जो सबसे कठिन और जोखिम भरा काम करते हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आज भी उन्हें अपने मूल अधिकारों के लिए सड़कों पर बैठकर संघर्ष करना पड़ रहा है।

श्री सिंगला शुक्रवार को संगरूर में पिछले एक सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे सफाई कर्मचारियों के धरने में पहुंचे और उनके आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मचारियों की मांगों को पूरी तरह जायज बताते हुए पंजाब सरकार से तुरंत उन्हें लागू करने की मांग की।

श्री सिंगला ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का अहम हिस्सा हैं, जो सबसे कठिन और जोखिम भरा काम करते हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि आज भी उन्हें अपने मूल अधिकारों के लिए सड़कों पर बैठकर संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को परिवार का हिस्सा माना है और हमेशा उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि उनके प्रयासों से ही संगरूर में 29 कच्चे कर्मचारियों को रेगुलर करने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन मौजूदा आप आदमी पार्टी सरकार उस आदेश को लागू करने और कर्मचारियों की सर्विस बुक तैयार करवाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों से पहले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के जो वादे किए गए थे, वे सरकार बनने के बाद खोखले साबित हुए।

श्री सिंगला ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सम्मान राशि देने का वादा किया था और अब तक प्रत्येक महिला के खाते में 48 हजार रुपये से अधिक की राशि बनती है, लेकिन सरकार अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जिन कर्मचारियों को "कोरोना वॉरियर" कहकर सम्मानित किया गया था, आज वही कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित