नयी दिल्ली , मई 27 -- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विभिन्न नेताओं ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आत्ममंथन करने तथा लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए उनसे देश की जनता से माफी मांगने की मांग की है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने फैसले के जरिये उन लोगों को साफ़ संदेश दिया है जो इस पर सवाल उठा रहे थे और डर तथा भ्रम फैला रहे थे। उन्होंने कहा कि जो लोग एसआईआर के बारे में दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार फैला रहे थे, उन्हें न्यायालय के फ़ैसले से कड़ा जवाब मिला है।बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे चुनावों में जनता ने जनादेश के ज़रिए ऐसे तत्वों को पहले ही नकार दिया है और अब न्यायालय के फ़ैसले के बाद उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एसआईआर भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई कोई नई योजना नहीं है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जो लोग सच्चे और निष्ठावान नागरिक हैं, उनके लिए यह 100 प्रतिशत सुरक्षित है।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया एक्स पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को स्वागत करते हुए लिखा, "श्री गांधी और कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब! उच्चतम न्यायालय ने एसआईआर प्रक्रिया को वैध और संवैधानिक घोषित किया!" उन्होंने कहा कि यह साफ़ है कि श्री गांधी और कांग्रेस ने शुरू से ही इसका विरोध इसलिए किया, क्योंकि वे भारतीय मतदाताओं के साथ नहीं, बल्कि अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े थे। यह सही मायनों में एक 'राष्ट्र-विरोधी कृत्य' था!उन्होंने कहा, "क्या श्री गांधी आज भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए माफ़ी मांगेंगे?भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर एक्स पर लिखा, "लोकतंत्र और स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की बड़ी जीत। उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग के एसआईआर की वैधता को सही ठहराया। एसआईआर विरोधियों की बड़ी हार - वह 'कागज़ नहीं दिखाएंगे' लॉबी, जो एसआईआर की पूरी प्रक्रिया को ही बदनाम करना चाहती थी। उसे मुंह की खानी पड़ी है।
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