बरनाला , फरवरी 28 -- कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को पंजाब के बरनाला में किसान-मजदूर रैली में अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला और कहा कि सरकार ने इस करार में देश के किसानों और आम लोगों के हितों को गिरवी रख दिया है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को वापस लाने के लिए आयोजित इस रैलीमें श्री खरगे और श्री गांधी ने कहा कि यह समझौता देश के लिए आत्मघाती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में भारतीय कृषि बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दिया है। इस समझौते से टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक और मशीनरी जैसे घरेलू उद्योगों पर विनाशकारी असर पड़ेगा। सीमा पर बढ़ती नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी और जबरन वसूली की घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये।
श्री खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को जानबूझकर कमजोर कर रही है, जिससे पंजाब के लाखों मजदूरों का रोजगार छिन गया है।
रैली में कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल, पंजाब में पार्टी प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल और चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, विजय इंदर सिंगला और अन्य नेता शामिल हुए।
कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने एक सुर में कहा, "पंजाब सिर्फ कांग्रेस की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ताकत है और जब पंजाब सुरक्षित है, तभी देश सुरक्षित है।"श्री गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह समझौता किसी आर्थिक जरूरत के लिए नहीं, बल्कि 'निजी डर' के कारण किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में उद्योगति गौतम अडानी पर चल रहे आपराधिक मामले और 'एपस्टीन फाइलों' के जरिए प्रधानमंत्री को धमकाया गया। उन्होंने कहा, "एपस्टीन की 30 लाख फाइलें अभी और आनी बाकी हैं, जिनमें श्री मोदी का नाम है। इसी डर से उन्होंने किसानों और लघु उद्योगों के 'डेथ वारंट' पर हस्ताक्षर कर दिये।"श्री गांधी ने समझाया कि अमेरिका के बड़े किसान, जिनके पास हजारों एकड़ जमीन है, भारत के छोटे किसानों को बाजार से बाहर कर देंगे। अब अमेरिका से सोयाबीन, दालें, कपास, फल और मेवे भारत में डंप किये जाएंगे।
उन्होंने डेटा की तुलना 21वीं सदी के 'तेल' से करते हुए कहा कि श्री मोदी ने भारत का विशाल डेटा चुपचाप श्री ट्रंप को सौंप दिया है, जिसके बिना अमेरिका चीन का मुकाबला नहीं कर सकता। अमेरिका के आदेश पर ईरान से तेल न खरीदने का फैसला कर देश की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने हर साल अमेरिका से नौ लाख करोड़ रुपये के उत्पाद खरीदने की गारंटी दी है, जो हमारे लघु उद्याेगों की नींव हिला देगा।
श्री गांधी ने कहा, "अडानी भाजपा का एक 'स्पेशल पर्पस व्हीकल' है, जो भी पैसा बनता है, वह अडानी के पास जाता है और फिर शेल कंपनियों के जरिए राजनीति में इस्तेमाल होता है।"उन्होंने पंजाब के लोगों के प्रति अपना प्रेम जताते हुए कहा कि वे यहां राजनीति से ऊपर उठकर पंजाब के युवाओं और किसानों का भविष्य उज्ज्वल करने आए हैं। उन्होंने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब में जो भी फैसला होगा, वह जमीनी कार्यकर्ताओं की सहमति और टीमवर्क के आधार पर ही होगा।
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