नागपुर , अप्रैल 01 -- उनहत्तरवीं अखिल भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट आधुनिक पुलिसिंग में पेशेवर उत्कृष्टता और परिचालन तत्परता को प्रदर्शित करने वाले एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरी है।
पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र पुलिस ने कार्यक्रम का आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) सुनील रामानंद की देखरेख में किया। नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर कुमार सिंघल ने इसका समन्वय किया।
मीट में 29 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 1,327 कर्मी और 144 प्रशिक्षित पुलिस श्वान शामिल हुए हैं, जो इसके विस्तार और विविधता को दर्शाता है।
महाराष्ट्र पुलिस ने नागपुर शहर पुलिस और सीआईडी के साथ मिलकर समर्पित आयोजन और तकनीकी समितियों के माध्यम से सूक्ष्म योजना और साजो-सामान का निष्पादन सुनिश्चित किया है।
कार्यक्रम में जांच के लिए वैज्ञानिक सहायता (एसएआई), कंप्यूटर जागरूकता, पुलिस फोटोग्राफी, पुलिस वीडियोग्राफी, तोड़फोड़ विरोधी जांच और पुलिस श्वान दस्ता प्रतियोगिताओं सहित मुख्य पुलिस विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी। एसएआई खंड में अपराध स्थल की फोटोग्राफी और पोर्ट्रेट परीक्षण शामिल थे, जो जाँच में सटीक दस्तावेजीकरण के महत्व पर जोर देते हैं।
कंप्यूटर जागरूकता प्रतियोगिता ने डिजिटल दक्षता का आकलन किया, जो तकनीक-संचालित अपराधों से निपटने में साइबर क्षमताओं के बढ़ते महत्व को उजागर करती है। तोड़फोड़ विरोधी वाहन जांच और श्वान दस्ते के खोज अभ्यासों ने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण परिचालन तत्परता और समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र का प्रदर्शन किया।
गुरुवार को कार्यक्रम एसएआई प्रतियोगिता के अधिक विशिष्ट चरणों की ओर बढ़ेगा, जिसमें साक्ष्यों को उठाना, पैक करना और लेबल करना तथा अवलोकन परीक्षण शामिल होंगे।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनता के लिए, यह आयोजन इस बात का आश्वासन देता है कि प्रशिक्षण, वैज्ञानिक विधियों और पेशेवर प्रतिबद्धता के माध्यम से पुलिसिंग का विकास जारी है।
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