पटना , मई 13 -- ंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों से अपील की है कि वे हड़ताल समाप्त कर अविलंब अपने कार्य पर वापस लौटें, जिससे ग्राम पंचायत स्तर पर जनहित एवं विकास से जुड़े कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें। श्री कुमार कहा कि विभाग पंचायत सचिवों द्वारा की गयी मांगों पर विमर्श कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वे तुरंत बिना किसी शर्त के हड़ताल से वापस आते हैं तो उनकी मांगों पर विभाग द्वारा सकारात्मक पहल करते हुए नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
इससे पूर्व पंचायती राज विभाग के सचिव ने पत्र के माध्यम से जिला पदाधिकारियों को निर्देशित किया था कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित अथवा हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन के लिये वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों की अनुपस्थिति अवधि को "नोवर्क नो पेय " के सिद्धांत पर वेतन स्थगित करने तथा कार्य पर वापस नहीं लौटने वाले पंचायत सचिवों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई करने का निदेश भी सचिव द्वारा दिया गया था।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सूचना के अनुसार कतिपय जिलों द्वारा पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन के liyeअब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे हैं। इस संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को पुनः निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने जिलान्तर्गत अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले अथवा हड़ताल पर गए पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन के लिये शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ द्वारा दिनांक 08 अप्रैल 2026 से पंचायत सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की सूचना दी गई थी। इसके आलोक में सभी जिलों को निर्देशित किया गया था कि हड़ताल अवधि में पंचायत सचिवों के कार्यों के निष्पादन के लिये वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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