गोरखपुर , फरवरी 28 -- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़, गोरखपुर के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा होली पर्व एवं हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर के एक भव्य व्यापार मेले का शनिवार को आयोजन किया गया।

नवचेतना, नई ऊर्जा और आत्मनिर्भरता के संदेश के साथ आयोजित इस मेले ने शिक्षा और उद्यमिता के समन्वय का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। व्यापार व्यापार मेले का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार त्रिपाठी ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही वातावरण उत्साह, नवचेतना और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।

उद्घाटन संबोधन में प्राचार्य डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि विद्यार्थियों में व्यावसायिक कौशल, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता की भावना का विकास भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने व्यापार मेले को विद्यार्थियों के लिए एक सजीव प्रयोगशाला बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें वास्तविक बाजार व्यवस्था, ग्राहक व्यवहार और प्रबंधन की चुनौतियों से परिचित कराते हैं।

इसी क्रम में मेले के संयोजक सिद्धार्थ कुमार शुक्ला ने कार्यक्रम के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, व्यवसायिक कौशल तथा स्वरोजगार के प्रति जागरूकता विकसित करना था। उन्होंने आगे कहा कि व्यापार मेला केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता की प्रयोगशाला है जहाँ वे सिद्धांत को व्यवहार में रूपांतरित करना सीखते हैं।

आयोजित मेले में छात्र.छात्राओं ने विभिन्न स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों एवं सेवाओं का प्रदर्शन किया जिनमें हस्तशिल्प सामग्री, खाद्य उत्पाद, सजावटी वस्तुएँ, नवाचार आधारित लघु उद्योग मॉडल तथा प्रबंधन संबंधी प्रोजेक्ट प्रमुख रहे।

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