तेहरान , मार्च 23 -- ईरान ने रविवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थायी शांति और सुरक्षा तभी संभव है जब अमेरिका और इजरायल की "सैन्य आक्रामकता तथा धमकियां" समाप्त हों। साथ ही उसने स्पष्ट किया कि यह रणनीतिक जलमार्ग कुछ शर्तों के तहत नौवहन के लिए खुला है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने विस्तृत बयान में कहा कि इस्लामी गणराज्य विशेषकर नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री सुरक्षा सहित संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है, जो फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान सागर जैसे प्रमुख जलमार्गों पर लागू होते हैं।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि इन सिद्धांतों का पालन तटीय देशों की संप्रभुता और उनके अधिकारों के सम्मान के साथ किया जाना चाहिए। बयान में कहा गया कि 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल की "सैन्य आक्रामकता" ने क्षेत्र में "खतरनाक स्थिति" पैदा कर दी है, जिससे समुद्री सुरक्षा और आवागमन सीधे प्रभावित हुए हैं।
ईरान ने आत्मरक्षा के अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है और आक्रामक देशों तथा उनके सहयोगियों को होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग "शत्रुतापूर्ण उद्देश्यों" के लिए करने से रोकने के उपाय किए हैं।
मंत्रालय ने कहा, "जलडमरूमध्य से सटे तटीय देश के रूप में ईरान ने आक्रामक पक्षों से जुड़े जहाजों के आवागमन को रोका है," और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप बताया। साथ ही, ईरान ने कहा कि उसने क्षेत्र में जहाजों और नाविकों के जोखिम को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं और "जिम्मेदार रुख" अपनाया है।
बयान के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद नहीं है और समुद्री यातायात जारी है, हालांकि युद्धकालीन परिस्थितियों और सुरक्षा उपायों के तहत इसे नियंत्रित किया जा रहा है।
ईरान ने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल से जुड़े या उनके समर्थन में कार्यरत जहाजों को सामान्य यातायात का हिस्सा नहीं माना जाएगा और उनके साथ सशस्त्र संघर्ष के कानूनी ढांचे के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अन्य देशों के जहाज ईरान के साथ समन्वय और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं, बशर्ते वे तेहरान के खिलाफ किसी सैन्य गतिविधि में शामिल न हों।
ईरान ने जलमार्ग में किसी भी अस्थिरता या व्यवधान के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक नौवहन को खतरा "अवैध युद्ध" के कारण पैदा हुआ है।
मंत्रालय ने दोहराया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़े किसी भी भविष्य के तंत्र में ईरान के अधिकारों का सम्मान और उसकी भागीदारी आवश्यक होगी।
बयान में कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दीर्घकालिक स्थिरता केवल सैन्य आक्रामकता के अंत और ईरान के वैध हितों के सम्मान से ही संभव है।
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