वाशिंगटन , मई 16 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी हालिया चर्चा को "अत्यधिक सकारात्मक" बताते हुए कहा है कि दोनों नेताओं के बीच ताइवान, ईरान, व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और वैश्विक सुरक्षा ढांचे पर विस्तृत बातचीत हुई।

श्री ट्रंप ने चीन से लौटते समय 'एयर फोर्स वन' पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने ताइवान की स्वतंत्रता की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि इससे "बड़ा टकराव" पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा, "मैंने उनकी बात सुनी, लेकिन उस पर कोई टिप्पणी या वादा नहीं किया। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ और ताइवान के नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद ही इस पर कोई निर्णय लूँगा।" उन्होंने इस मुलाकात को महाशक्तियों के बीच संबंधों को स्थिर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

श्री ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर बताया कि श्री जिनपिंग का मानना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। इसके अलावा, चीनी नेता ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि ईरान की कार्रवाइयों से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह बाधित हुआ है, जिससे प्रतिदिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि चीन की ऊर्जा जरूरतों का 40 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से प्राप्त करता है, जबकि अमेरिका इस पर निर्भर नहीं है।

श्री ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के मामले में वह और श्री जिनपिंग लगभग पूरी तरह से सहमत हैं। उन्होंने कहा, "वह युद्ध नहीं चाहते। " डन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि अमेरिका का इस जलमार्ग पर रणनीतिक नियंत्रण है, लेकिन चीन की ऊर्जा निर्भरता उसे ईरान को शांत करने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर सकती है।

श्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के संबंध अब "पहले से कहीं अधिक मजबूत" हैं। चर्चा के दौरान अमेरिका, चीन और रूस के बीच भविष्य में परमाणु निरस्त्रीकरण प्रयासों पर भी सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान शुल्क (टैरिफ) को छोड़कर लगभग हर विषय पर बात हुई। उन्होंने दावा किया कि चीन ने फेंटानिल (नशीले पदार्थ) की तस्करी पर अमेरिकी चिंताओं को स्वीकार किया है।

चर्चा के दौरान उत्तर कोरिया के मुद्दों पर भी बात हुई। श्री ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने "बहुत अच्छे संबंधों" का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल के अंत में चीन के साथ कई उच्च स्तरीय राजनयिक बैठकें, जी-20 से संबंधित मुलाकातें और द्विपक्षीय दौरे प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में उनके चीन के साथ बेहतरीन संबंध रहे हैं और अब वे पहले की तरह ही मजबूत हैं।

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