तेहरान , मई 04 -- ईरान की संसद के एक वरिष्ठ सांसद ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की नयी समुद्री व्यवस्था में अमेरिका का कोई भी हस्तक्षेप युद्धविराम का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जहाजों को सुरक्षा देने की योजना को "भ्रमपूर्ण" करार दिया।
ईरानी संसद की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीजी ने रविवार को सोशल मीडिया पर कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य के नयी समुद्री व्यवस्था में किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप को युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा।"उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी का संचालन ट्रंप के भ्रमपूर्ण पोस्ट से नहीं होगा। दोषारोपण की कहानियों पर कोई विश्वास नहीं करेगा।"श्री अज़ीजी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब श्री ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी बल सोमवार से इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना शुरू करेंगे। यह जलडमरूमध्य 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद से काफी हद तक बाधित बना हुआ है।
ट्रंप ने इस समुद्री अभियान को "प्रोजेक्ट फ्रीडम" नाम दिया है और इसे "मानवीय" पहल बताया है, जिसके तहत उन जहाजों के चालक दल की सहायता की जाएगी जो नाकेबंदी के कारण भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अभियान में किसी भी तरह की बाधा को "कड़ी कार्रवाई" के जरिए जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने 28 फरवरी के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़े नियंत्रण लागू किए हैं, हालांकि उसने बार-बार कहा है कि उसने इस मार्ग को बंद नहीं किया है, बल्कि एक नया नियामक ढांचा लागू किया है जिसके तहत सभी जहाजों को पारगमन से पहले अनुमति लेना आवश्यक है।
ईरान का कहना है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसकी संप्रभुता के दायरे में आता है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि वह हमलावर देशों या उनके समर्थकों से जुड़े किसी भी जहाज को बिना अनुमति फारस की खाड़ी से बाहर नहीं जाने देगा।
दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है, जिसे तेहरान अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और अप्रैल की शुरुआत में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के खिलाफ मानता है। ईरान ने इस नाकेबंदी को "समुद्री डकैती" करार देते हुए कहा है कि जलडमरूमध्य को बलपूर्वक खोलने की किसी भी कोशिश का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
तनावपूर्ण माहौल के बीच श्री ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच "सकारात्मक बातचीत" जारी है, हालांकि उन्होंने विवरण साझा नहीं किया।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है और आवश्यक प्रतिक्रिया दी जाएगी।
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