हैदराबाद , अप्रैल 20 -- हैदराबाद के प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (एएससीआई) ने सोमवार से अपने बेला विस्टा कैंपस में 'आत्मनिर्भरता-कर्मयोगी लीडरशिप प्रोग्राम' के दूसरे संस्करण की शुरुआत की जिसका मकसद रक्षा, सार्वजनिक उपक्रमों और रणनीतिक उद्योग के वरिष्ठ अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच को बदलते समय के अनुसार और मजबूत करना है।
पूर्व एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलने वाले इस पांच दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें रक्षा क्षेत्र, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) और रणनीतिक उद्योगों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेने वाले हैं।
इस दौरान कार्यक्रम निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल के. सुरेंद्रनाथ (रिटायर्ड) ने स्वागत भाषण दिया और एएससीआई के महानिदेशक डॉ. एन. रमेश कुमार (सेवानिवृत) भी वहां मौजूद रहे। यह कार्यक्रम भारत सरकार की 'कर्मयोगी भारत' पहल और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
इस प्रशिक्षण में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और एलएंडटी जैसी बड़ी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। सत्र के दौरान सेना के अनुभवी अधिकारी और विशेषज्ञ राष्ट्रीय सुरक्षा, उभरती हुई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और समुद्री चुनौतियों जैसे विषयों पर जानकारी देंगे।
विशेषज्ञों ने आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों, रक्षा बजट, खरीदारी की प्रक्रियाओं और तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनने पर भी जोर दिया।
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