हैदराबाद , अक्टूबर 18 -- हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 29.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
इन लोगों ने धोखाधड़ी के लिए अवैध बैंक खातों का इंतजाम किया था और ठगी गई रकम को कई खातों के जरिए घुमाया, ताकि पैसों का पता न चल सके। आरोपियों की पहचान मोहम्मद अशफाक हुसैन (27) और अहमद नजीब उद्दीन (27) के रूप में हुई है। ये दोनों अमीरपेट के रहने वाले हैं और इन्हें 17 अक्टूबर को पकड़ा गया। इस मामले का एक और आरोपी बेंगलुरु का रहने वाला सचिन फिलहाल फरार है।
रविवार को पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार मार्च 2025 में ठगों ने दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी बनकर 63 वर्षीय एक अवकाशप्राप्त कर्मचारी को अपना निशाना बनाया। उन्होंने पीड़ित को धन-शोधन के मामले में गिरफ्तार करने की धमकी दी और सत्यापन के बहाने उससे और उसकी बेटी से 29,17,668 रुपये भिजवाए। उन्होंने इसके साथ ही पैसे वापस करने का झांसा भी दिया।
जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने ठगी गई रकम को अलग-अलग बैंक खातों और नकदी जमा मशीन के जरिए जमा कराया और बाद में इस पैसे से यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी खरीदी गई। बताया जा रहा है कि इन लेन-देन में मदद करने के बदले उन्हें कमीशन मिला था। पुलिस ने उनके पास से दो एप्पल आईफोन जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन धोखाधड़ी की घटनाओं के तार पूरे भारत में लगभग 16 अन्य मामलों से जुड़े हैं।
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