हैदराबाद , मई 09 -- हैदराबाद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के पुत्र खिलाफ एक नाबालिग किशोरी के यौन उत्पीड़न के आरोपों में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉस्को ) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि यह मामला शुक्रवार रात को नाबालिग किशोरी के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया।
पेट बशीराबाद पुलिस ने मंत्री के पुत्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पॉस्को अधिनियम की धारा 11 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया है।
किशोरी की मां के अनुसार मंत्री के पुत्र भगीरथ का कथित तौर पर उनकी पुत्री के साथ प्रेम-संबंध था, और उसने ही नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया।
इस बीच, पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आरोपी द्वारा दर्ज कराई गयी एक जवाबी शिकायत के आधार पर भी एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है, जिसमें उसने नाबालिग किशोरी और उसके माता-पिता पर जबरन वसूली और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया है।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के. टी. रामा राव ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और तेलंगाना की कांग्रेस सरकार निशाना साधा और दोनों सरकारों पर पीड़िता को न्याय दिलाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
केटीआर ने केंद्र सरकार के "बेटी बचाओ" अभियान को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला और केंद्रीय कैबिनेट से श्री संजय को हटाने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कानूनी कार्रवाई शुरू करने में देरी हो रही है। क्या मंत्री के परिवार को कोई विशेष रियायत दी जा रही है।
बीआरएस नेता ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य "जंगल राज" में बदल गया है और पुलिस पर आरोप लगाया कि पीड़ित द्वारा पहले ही सबूत सौंपे जाने के बावजूद उन्होंने तुरंत कार्रवाई नहीं की।
केटीआर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर उनकी प्रतिक्रिया चुनिंदा क्यों होती है। क्या वह हैदराबाद की पीड़ित का भी उसी तरह समर्थन करेंगे जैसा उन्होंने उन्नाव मामले में किया था।
उन्होंने नाबालिग किशोरी के खिलाफ कथित तौर पर जवाबी मामले दर्ज किए जाने पर भी आपत्ति जताई और उससे जबरन वसूली और हनी-ट्रैप से जुड़े मामलों में मामले दर्ज करने के कानूनी आधार पर सवाल किया।
पीड़ित के परिवार को परेशान करने का आरोप लगाते हुए केटीआर ने दावा किया कि किशोरी ने न्याय की मांग करते हुए कथित तौर पर दो बार आत्महत्या का प्रयास किया, और व्यवस्था पर "पीड़िता को ही शर्मिंदा करने" में लिप्त होने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना में भाजपा और कांग्रेस के बीच एक "अपवित्र गठबंधन" है। उन्होंने सवाल किया कि मंत्री के पुत्र से कथित तौर पर पॉस्को मामलों के अन्य आरोपियों की तरह पूछताछ क्यों नहीं की जा रही है।
केटीआर ने कहा कि बीआरएस महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा, गरिमा और न्याय के लिए लड़ना जारी रखेगी।
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