हैदराबाद , मई 14 -- तेलंगाना के हैदराबाद में बंजारा हिल्स स्थित कोमाराम भीम भवन में पिछड़ा वर्ग (बीसी) कल्याण विभाग के तत्वावधान में वर्ग के गुरुकुलों और कल्याण छात्रावासों के मेधावी छात्रों को 'प्रतिभा पुरस्कार' (उत्कृष्टता पुरस्कार) प्रदान किए गये।

तेलंगाना के बीसी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर और खेल मंत्री वी श्रीहरि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर श्री श्रीहरि ने शिक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि विद्यार्थियों को इस सूक्ति का अर्थ समझना चाहिए, "विद्या ददाति विनयं, विनयाद्याति पात्रताम्," जिसका अर्थ है कि शिक्षा विनम्रता प्रदान करती है और व्यक्तियों को महानता की ओर ले जाती है।

उन्होंने नेल्सन मंडेला और महात्मा ज्योतिराव फुले जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा में समाज को बदलने और लोगों को उत्पीड़न से मुक्त कराने की शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से "तेलंगाना राइजिंग" का हिस्सा बनने का आग्रह किया और कहा कि शिक्षा समाज के किसी विशेष वर्ग का एकाधिकार नहीं है। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार गुरुकुलों में सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है और आशा व्यक्त की कि ये संस्थान 100 प्रतिशत उत्तीर्ण दर हासिल करेंगे।

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