हैदराबाद , जून 10 -- तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बिचौलियों के माध्यम से कथित तौर पर 1.70 लाख रुपये में बेचे गए एक नवजात शिशु (लड़के) को प्रशासन ने सुरक्षित बचा लिया है और उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की देखरेख में सौंप दिया गया है।
कुलसुमपुरा थाने के पुलिस निरीक्षक ए. रामुलु ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी के. रामू की ओर से दर्ज कराई गई एक औपचारिक शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143(4) और किशोर न्याय (जेजे) अधिनियम की धारा 80 और 81 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बाल कल्याण विभाग की जांच के अनुसार, हैदराबाद का एक दंपत्ति मधुसूदन और मीना, जिनकी शादी को करीब 18 साल हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी, बच्चा गोद लेने की कोशिश कर रहे थे। इस सिलसिले में उन्होंने मदद के लिए पोथराजू सुरेश नामक व्यक्ति से संपर्क किया था।
पुलिस ने बताया कि सुरेश ने पद्मा पल्टिया के साथ मिलकर बिचौलिए की भूमिका निभाई और गत 28 मई को तुकुगुड़ा के एक निजी अस्पताल में जन्मे नवजात शिशु को मोहन और उसकी पत्नी संध्या तक पहुंचाने की व्यवस्था की। जांच में सामने आया कि यह बच्चा शारीरिक रूप से दिव्यांग था और उसके जैविक माता-पिता ने उसे बच्चे के पिता की रिश्तेदार पद्मा को सौंप दिया था। इसके बाद बच्चे को रंगारेड्डी जिले के कोथुर मंडल स्थित जेपी दरगाह पर उस बेऔलाद दंपत्ति को सौंप दिया गया।
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