हैदराबाद , अप्रैल 27 -- हैदराबाद सिटी पुलिस ने संगारेड्डी जिले के जोगिपेट में विदेशी नागरिकों के लिए एक हिरासत केंद्र को सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दिया है।

हैदराबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) एम. श्रीनिवास ने सोमवार को बताया कि इस सुविधा का प्रबंधन तेलंगाना सरकार के निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। यहां उन विदेशी बंदियों को रखा जाता है, जो अवैध प्रवासन, वीजा नियमों का उल्लंघन, गैर-कानूनी रूप से रहने, मानव तस्करी और नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों जैसे मामलों में शामिल होते हैं।

वर्ष 2018 से जब बशीरबाग में पुरानी सीसीएस बिल्डिंग में यह हिरासत केंद्र बनाया गया था, तब से अब तक कुल 196 विदेशी नागरिकों को यहां रखा गया है।

अभी सूडान, नाइजीरिया, युगांडा और कैमरून के 12 बंदी (नौ पुरुष और तीन महिलाएं) इस केंद्र में हैं, जिनका देश-निकाला होना बाकी है।

देश-निकाला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर किया जाता है, जिसके लिए विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से जरूरी मंजूरी लेनी पड़ती है।

यह प्रक्रिया या तो हवाई मार्ग से या फिर तय सीमा चौकियों के जरिए उचित सुरक्षा घेरे में पूरी की जाती है। वर्ष 2018 से अब तक कुल 184 बंदियों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है।

सरकार ने हाल ही में जोगिपेट उप-जेल में जरूरी सुविधाओं के साथ एक अस्थायी ट्रांजिट/हिरासत केंद्र बनाने की मंजूरी दी थी। यह स्थानांतरण हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार की देखरेख में की गई और इसे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) एम. श्रीनिवास ने पूरा किया।

जोगिपेट स्थित यह सुविधा अब पूरी तरह से चालू हो गई है। राज्य सरकार ने चेरलापल्ली जेल में एक स्थायी ट्रांजिट होम बनाने की भी मंजूरी दे दी है। हैदराबाद सिटी पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आव्रजन कानूनों को लागू करने और बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।

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