हैदराबाद , मार्च 07 -- तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एवं उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू ने शनिवार को कहा कि हैदराबाद बहुत तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित वित्तीय तकनीक के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

बाचुपल्ली स्थित विज्ञान ज्योति प्रबंधन संस्थान (वीजेआईएम) में फिक्की ने मुख्य वित्तीय अधिकारियों (सीएफओ) के सम्मेलन का आयोजन किया, जिसको संबोधित करते हुए श्री बाबू ने कहा कि दुनिया के कई बड़े वित्तीय संस्थान शहर में अपने नवाचार और अभियांत्रिकी केंद्र स्थापित कर रहे हैं।

श्री बाबू ने इस बात पर जोर दिया कि एआई वित्तीय क्षेत्र में तकनीक की भूमिका को पूरी तरह बदल रहा है। उन्होंने कहा, " जो तकनीक कभी मुख्य रूप से केवल लागत के हिसाब-किताब पर ध्यान केंद्रित करती थी, वह अब नये आविष्कारों को बढ़ावा दे रही है और वित्त से जुड़े बेहतर फैसले लेने में मदद कर रही है।"उन्होंने बताया कि हैदराबाद ने दुनिया के सबसे मजबूत वित्तीय तकनीक (फिनटेक) तंत्रों में से एक को विकसित किया है। वैनगार्ड, यूबीएस, वेल्स फारगो, बैंक ऑफ अमेरिका, जेपी मॉर्गन चेस, गोल्डमैन सैक्स और सिटीग्रुप जैसे बड़े वैश्विक संस्थान शहर में अपने बड़े तकनीकी और डाटा विश्लेषण केंद्र चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में फिलहाल लगभग 400 वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) हैं, जिनमें तीन लाख से अधिक पेशेवर काम कर रहे हैं। वहीं, तेलंगाना का आईटी निर्यात सालाना लगभग 40 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एआई सिटी, फ्यूचर सिटी और एआईकेएएम जैसी बड़ी पहल करने की योजना बना रही है, ताकि एआई के ढांचे को और मजबूत किया जा सके और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ कुशल पेशेवर तैयार किये जा सकें।

श्री बाबू ने इस बात पर भी जोर दिया कि डिजिटल युग में मुख्य वित्तीय अधिकारियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गयी है, खासकर एआई और डाटा आधारित क्षेत्रों में निवेश के मामले में।

सम्मेलन में पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त के.वी. चौधरी, वीजीआईएम के अध्यक्ष दग्गुबाती सुरेश बाबू, फिक्की सीएफओ काउंसिल के अध्यक्ष रजनीश जैन और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

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