हैदराबाद , जुलाई 16 -- तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित एशियाई नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी संस्थान के डॉक्टरों ने छह वर्षीय बच्चे के गुर्दे से रसौली को दूरबीन विधि से निकालने में सफलता हासिल की है।
यह बच्चा एक दुर्लभ जन्मजात विकृति के साथ पैदा हुआ था, जिसमें दोनों गुर्दे आपस में जुड़े होते हैं। चिकित्सकों ने इस जटिल प्रक्रिया को आधुनिक और न्यूनतम चीरे वाली दूरबीन शल्यचिकित्सा प्रणाली से अंजाम दिया।
अस्पताल ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि बच्चे को पेशाब में खून आने के बाद भर्ती कराया गया था। जांच से पता चला कि बच्चे के शरीर में एक दुर्लभ स्थिति थी जहाँ दोनों गुर्दे आपस में जुड़कर शरीर के एक ही तरफ स्थित थे। असामान्य शरीर संरचना और खून की नलियों की वजह से यह ऑपरेशन बहुत मुश्किल था।
डॉक्टरों ने आधुनिक तरीकों और ऑपरेशन के दौरान दूरबीन पराध्वनि तकनीक का इस्तेमाल किया। डॉक्टरों ने स्वस्थ गुर्दे के ऊतकों और उसकी कार्यप्रणाली को सुरक्षित रखते हुए सूक्ष्म छिद्र से रसौली की सटीक पहचान की और उसे बाहर निकाल दिया। बच्चा बिना किसी बड़ी जटिलता के ठीक हो गया और उसे स्वस्थ स्थिति में चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई।
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