रांची , अगस्त 21 -- झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल समेत अन्य परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता हेमलाल मुर्मू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

श्री मुर्मू ने कहा कि सरकार ने छात्रों के साथ सम्मानपूर्वक समझौता किया और उनकी मांगों से भी आगे बढ़कर निर्णय लिए। छात्रों की मांग पर कई परीक्षाएं रद्द की गईं, लेकिन अब कोचिंग माफिया और भाजपा के इशारे पर आंदोलन को नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।

श्री मुर्मू ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन अब पूरी तरह राजनीतिकरण की ओर बढ़ रहा है और इसकी गतिविधियां भाजपा के इशारे पर संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है और समझौते के माध्यम से छात्रों को न्याय दिलाने का प्रयास किया गया है। फिलहाल मामला न्यायालय में है और न्यायपालिका अपना काम कर रही है। कोर्ट ने सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है, जबकि सीआईडी को जांच पूरी करने के लिए चार महीने का समय दिया गया है। ऐसे में न्यायपालिका के निर्देश के बावजूद सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।

झामुमो नेता ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी की ओर से बार-बार सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी को बताना चाहिए कि जेपीएससी की पहली और दूसरी परीक्षा की सीबीआई जांच का क्या परिणाम निकला। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई के कई मामले 15 से 20 वर्षों से लंबित हैं।

श्री मुर्मू ने भाजपा नेता भानु प्रताप शाही पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाही न्यायालय को भी चुनौती दे रहे हैं। मुर्मू ने दावा किया कि भानु प्रताप शाही स्वयं 130 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में सीबीआई और ईडी की जांच के घेरे में हैं।

उन्होंने दोहराया कि छात्रों की मांग से ज्यादा मुख्यमंत्री ने उन्हें दिया है। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है और अब मामला न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है। ऐसे में न्यायपालिका में विचाराधीन मामले पर सरकार क्या कर सकती है, यह न्यायिक प्रक्रिया और न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

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