रांची , जुलाई 21 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कुल 58 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में षष्ठम झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, न्याय, विश्वविद्यालय, डिजिटल शिक्षा, सामाजिक कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई।

कैबिनेट ने गिरिडीह के जमुआ में 38.22 करोड़ रुपये और रामगढ़ के मांडू में 40.15 करोड़ रुपये की लागत से नए डिग्री कॉलेज भवनों के निर्माण को मंजूरी दी। साथ ही राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों-रांची विश्वविद्यालय, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, कोल्हान विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय और सर जे.सी. बोस विश्वविद्यालय-में शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (रीअलाइनमेंट) को स्वीकृति दी गई। विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के एक दिसंबर 2004 से पूर्व नियुक्त सेवानिवृत्त शिक्षकों और पदाधिकारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप 1 जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन का लाभ देने का भी निर्णय लिया गया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में गंभीर मरीजों को दूरस्थ इलाकों से त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस शुरू करने के लिए एक सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर लेने की मंजूरी दी गई। धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उन्नयन, एमबीबीएस सीटों को 100 से 250 तथा पीजी सीटों के विस्तार सहित लगभग 194.73 करोड़ रुपये की परियोजना को भी स्वीकृति मिली। वहीं बोकारो के कसमार सीएचसी की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्चना चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

शिक्षा के क्षेत्र में राज्य के 1000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में अगले पांच वर्षों के लिए एआई आधारित वर्चुअल क्लासरूम एवं स्टूडेंट एनालिटिक्स कार्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया गया। इस योजना पर 176.07 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही आदर्श विद्यालय योजना की अवधि 2029-30 तक बढ़ाने की स्वीकृति दी गई।

सड़क एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम, रांची, गुमला और दुमका की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें भुईयांसिनान-सुसनी मार्ग, टांगरबसली-बोबरो मार्ग, घाघरा-जोकारी मार्ग, परवल-करंज मार्ग तथा खेराबनी-रानीघाघर मार्ग के चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इसके अलावा आदित्यपुर नगर निगम के नए भवन निर्माण के लिए करीब 39.67 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

सामाजिक कल्याण के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना-2024 में संशोधन किया गया। वहीं सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप-1 मधुमेह सहित अन्य गंभीर बीमारियों और दिव्यांग बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति से छूट देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट ने झारखंड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन, झारखंड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली-2026 के गठन, झारखंड वरीय न्यायिक सेवा में दो जिला जजों की सीधी नियुक्ति तथा महाधिवक्ता कार्यालय में अतिरिक्त विधि पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की। साथ ही राज्य सरकार से जुड़े मामलों की पैरवी करने वाले विधि पदाधिकारियों के शुल्क के पुनरीक्षण का भी निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद ने झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार का विस्तार करते हुए गिरिडीह और दुमका में प्रस्तावित नए चिड़ियाघरों, जंगल सफारी एवं वन्यजीव रेस्क्यू सेंटरों को इसके अधीन लाने का फैसला किया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में कई सेवानिवृत्त एवं कार्यरत कर्मियों की सेवा, पेंशन, प्रोन्नति और नियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई तथा वित्त, सहकारिता, खनन, पोषण, डिजिटल प्रशासन और अन्य विभागों से संबंधित कई प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।

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