रांची , अगस्त 10 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा है कि झारखंड की राजधानी रांची में रोजगार, जेपीएससी और जेएसएससी में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों पर हेमंत सरकार ने बर्बर लाठीचार्ज करवाया, दर्जनों छात्र घायल और सैकड़ों गिरफ्तार, यह घटना झारखंड सरकार की कायरता और असफलता का प्रमाण है।

श्री पाठक ने आज यहां कहा कि दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई हार एवं सरकार की बदनामी के कारण घड़ियाली आंसू बहाकर "बदले की राजनीति" कर रही है। भाकपा स्पष्ट कहना चाहती है कि बीजेपी को छात्रों की चिंता नहीं है, उसे सिर्फ झारखंड में सत्ता चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों से केंद्र में और झारखंड बनने के बाद कई वर्षों तक झारखंड में राज करने के बाद बीजेपी आज छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रही है। नीट पेपर लीक, एसएससी घोटाला, बेरोजगारी - ये सब बीजेपी की देन है। आज जंतर-मंतर पर भाषण देने वालों ने खुद झारखंड के युवाओं को लाठी और बेरोजगारी दी थी।

श्री पाठक ने कहा कि बीजेपी छात्रों के आंदोलन को सीबीआई जांच के नाम पर भटकाना चाहती है। जबकि खुद सीबीआई के पास हजारों मुकदमे बरसों से लंबित पड़े हैं। राफेल से लेकर व्यापम तक, एक भी मामला निपटा नहीं। सीबीआई बीजेपी का राजनीतिक हथियार बन चुकी है। छात्रों के आंदोलन को सीबीआई के हवाले करना मतलब उसे कब्र में दफन करना है।अगर समय रहते सरकार छात्रों से बात करती, उनकी मांगें मानती, तो बीजेपी को राजनीति का मौका नहीं मिलता। सरकार की ढुलमुल नीति और दमन दोनों निंदनीय हैं।

श्री पाठक ने कहा कि तुरंत लाठीचार्ज की न्यायिक जांच हो और दोषी एसपी, डीएम पर प्राथमिकी दर्ज हो। जेपीएससी और जेएसएससी में कैलेंडर जारी हो, 1 लाख खाली पदों पर 6 महीने में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो। पेपर लीक पर स्पेशल टास्क फोर्स बने, न कि सीबीआई के नाम पर लीपापोती। हेमंत सरकार अबिलंब छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता कर लिखित समझौता करे। भाकपा चेतावनी देती है कि अगर सरकार ने छात्रों की मांगें नहीं मानी तो पूरे झारखंड में "आंदोलन तेज होगा। बीजेपी को भी याद रखना चाहिए - छात्र आंदोलन तुम्हारा चुनावी मुद्दा नहीं है। छात्रों की लाशों पर राजनीति करने वालों को झारखंड की जनता माफ नहीं करेगी।

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