रांची , मई 10 -- झारखंड के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड को अपराध की राजधानी बनाने वाली हेमंत सरकार अब प्रशासनिक पंगुता और ट्रांसफर-पोस्टिंग उद्योग का प्रतीक बन चुकी है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वर्ष 2024 के विस्तृत विश्लेषण किए आंकड़े बेहद भयावह तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। एनसीआरबी के अनुसार प्रति लाख आबादी पर हत्या के मामलों में झारखंड पूरे देश में नंबर वन बन गया है। वर्ष 2024 में राज्य में 1472 हत्याएं हुईं और हत्या का अनुपात 3.7 प्रति एक लाख आबादी दर्ज किया गया, जबकि राष्ट्रीय औसत मात्र 1.9 है।

श्री शाह देव ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो के नेता अक्सर उत्तर प्रदेश का उदाहरण देकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे यह नहीं बताते कि उत्तर प्रदेश में प्रति लाख आबादी पर हत्या का अनुपात केवल 1.3 है।यानी जनसंख्या के अनुपात में झारखंड कहीं अधिक असुरक्षित और अपराधग्रस्त राज्य बन चुका है।

श्री शाह देव ने कहा कि भाजपा हमेशा कहती रही है कि पिछले सवा छह वर्षों में जो स्थितियां हो गई हैं उसमें झारखंड के हर गली में रहमान डकैत निर्भीक होकर घूमता दिख रहा है।तभी तो हेमंत सरकार के साढ़े छह वर्षों के कार्यकाल में राज्य में 10 हजार से अधिक बलात्कार, 11 हजार से ज्यादा अपहरण और 9250 से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। यह आंकड़े केवल संख्या नहीं, बल्कि राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और सरकार की विफलता का चार्जशीट हैं।

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