वॉशिंगटन/तेहरान , मार्च 30 -- ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के इजरायल पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किये जाने से वैश्विक आपूर्ति बाधित होने की चिंता गहरा गयी है और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.3 फीसदी बढ़कर 116.25 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (डब्लूटीआई) भी तीन फीसदी चढ़कर 103 डॉलर पर पहुंच गया।
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के पांचवें सप्ताह में प्रवेश करने के बाद तेल की कीमतों में यह उछाल आया है। तनाव कम होने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधाभासी संदेश जारी हैं। वे एक तरफ कूटनीतिक पहुंच की वकालत कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सैन्य तैनाती बढ़ा रहे हैं। इससे यह डर पैदा हो गया है कि यह संघर्ष पश्चिम एशिया के बाहर फैलकर एक व्यापक वैश्विक खतरा बन सकता है।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के हॉर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात को प्रभावी ढंग से रोकने के बाद अब लाल सागर, विशेष रूप से बाब-अल-मंडब जलडमरूमध्य क्षेत्र में तीनों देशों के बीच बढ़ती शत्रुता ने शिपिंग मार्गों में बड़े व्यवधान की आशंका बढ़ा दी है।
ऊर्जा इतिहासकार डैनियल येरगिन के अनुसार, अब दोहरे समुद्री मार्ग के बाधित होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी तेल की कीमतों में मौजूदा वृद्धि काफी अधिक हो सकती है और यह एक पूर्ण वैश्विक ऊर्जा संकट में बदल सकती है। उन्होंने कहा, "यदि हूतियों ने अपने हमले तेज किये तो यह स्थिति उस तेल संकट को और गंभीर बना देगी, जो पहले से ही इतिहास का सबसे भीषण व्यवधान माना जा रहा है।"ईरान की ओर से दोहरे समुद्री ऊर्जा गतिरोध की धमकी ऐसे समय में आयी है, जब हाल ही में क्षेत्र में 2,500 नौसैनिकों सहित 3,500 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात किये गये हैं।
दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी सेना और उसके सहयोगियों के खिलाफ नयी धमकियां जारी की हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जमीनी हमले का जवाब 'नृशंस संहार' से दिया जायेगा। साथ ही, उन्होंने दुनिया के दो सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों को पूरी तरह से बंद करने की धमकी दी है।
अमेरिका में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आसमान छू रही हैं, जहां पेट्रोल के दाम 3.98 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गए हैं, जो चार डॉलर के आंकड़े के बेहद करीब है।
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