पटना , जुलाई 19 -- बिहार में जीविका दीदियों को उनके कार्य कौशल में अधिक दक्ष बनाने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के बाद विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत के बलबूते अलग-अलग उत्पाद तैयार करने वाली दीदियों के हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने में खासा मदद मिलेगी।
राज्य में सक्रिय करीब 13 लाख स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ 81 लाख से भी ज्यादा दीदियां जुड़ी हुई हैं। यानी प्रत्येक समूह से कम से कम 10-12 की संख्या में यह दीदियां जुड़कर जीविकोपार्जन से संबंधित अलग-अलग गतिविधियां संचालित कर रही हैं।
इनमें मुख्य रूप से सिलाई-कढ़ाई, रसोई, लाइब्रेरी, नर्सरी आदि संचालन का पूरा कार्यभार इन दीदियों ने संभाल रखा है। ग्रामीण विकास के साथ दूसरे विभागों के आपसी सहयोग में आने वाले दिनों में राज्य के प्रत्येक ग्राम पंचायत में इन दीदियों को डेयरी संचालन की भी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की जा रही है।
जीविका दीदियों के द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद और उसकी उचित बाजार तक पहुंच सुनिश्चित कराने की मंशा से ग्रामीण विकास विभाग लगातार योजनाओं पर काम कर रहा है। हाल ही में विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीविका दीदियों को विशेष ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।
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