चंडीगढ़ , मार्च 31 -- हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने पांच-सीटर और 6 से 12-सीटर वाहनों पर प्रस्तावित 'एंट्री टैक्स' (प्रवेश शुल्क) की बढ़ोतरी को वापस लेने की घोषणा करते हुए विधानसभा में कहा है कि टैक्स की दरें अब अपने पुराने स्तर पर ही रहेंगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंगलवार को सदन को संबोधित करते हुए पुष्टि की कि पांच-सीटर वाहनों के लिए शुल्क 70 रुपये और 6 से 12 सीटों वाले वाहनों के लिए 110 रुपये ही बरकरार रहेगा। गौरतलब है कि सरकार ने पांच-सीटर वाहनों का टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये और मध्यम श्रेणी के वाहनों का टैक्स 110 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये करने का निर्णय लिया था।

यह नई दरें आज आधी रात से लागू होने वाली थीं, लेकिन पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में इसके खिलाफ उग्र प्रदर्शनों और सीमावर्ती जिलों में चक्का जाम की चेतावनियों के बाद हिमाचल सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े।

यह मुद्दा विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उस समय गरमा गया जब भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने इसे सदन में उठाया। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बिगड़ने और पड़ोसी राज्यों में भारी जन-आक्रोश का हवाला दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर भी इस कर वृद्धि के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि पंजाब विधानसभा में भी इसकी गूँज सुनाई दी, जहाँ पंजाब सरकार ने संकेत दिए थे कि वे भी हिमाचल से आने वाले वाहनों पर जवाबी टैक्स लगाने पर विचार कर सकते हैं।

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