शिमला/नयी दिल्ली , फरवरी 28 -- राष्ट्रीय राजधानी में हाल में आयोजित आई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन का कानूनी और राजनीतिक हिमाचल प्रदेश में भी दिखने को मिल रहा है।

इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रही है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के कई नेता भी शामिल हैं। इस मामले में आरोपी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निगम भंडारी दिल्ली की अदालत ने अंतरिम जमान ले ली है। श्री भंडार प्रदेश के किन्नौर जिले के निवासी हैं।

युवा कांग्रेस के नेता बलदेव ठाकुर ने शनिवार को कहा कि श्री भंडार उन लोगों में से एक हैं जिनकी दिल्ली पुलिस को तलाश है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने श्री भंडारी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर 24 मार्च तक और इतनी ही राशि की जमानत पर अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है। अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने, जब भी बुलाया जाए तो जांच अधिकारी के सामने पेश होने, अपना मोबाइल फोन चालू रखने, बिना पहले की अनुमति के देश न छोड़ने और शिकायतकर्ता से संपर्क करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने से बचने का निर्देश दिया है।

यह मामला दिल्ली में एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है। अभियोग पक्ष के अनुसार प्रदर्शन की वजह से एआई समिट के आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यस्था में में रुकावट आई और ऐसी स्थिति पैदा हो गई जिससे अफ़रा-तफ़री मच सकती थी।

वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि भंडारी प्रदर्शन वाले स्थल पर मौजूद नहीं थे और इस घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है। श्री भंडारी मौजूदा समय में युवा कांग्रेस के कर्नाटक के प्रभारी हैं। बचाव पक्ष ने अदालत में यह भी बताया कि उन्हें कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया है, लेकिन उन्हें गिरफ्तारी का डर था, जिसके चलते उन्होंने अंतरिम जमानत मांगी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि श्री भंडारी की भूमिका की जांच की जा रही है और प्रदर्शन के सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही है।

राजनीतिक जानकार इस स्थिति को समन कानूनी याचिका और अंतरिम राहत का एक घूमता हुआ चक्र बता रहे हैं। दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। वहीं अदालत ने युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को जांच में मदद करने के निर्देश के साथ अंतरिम सुरक्षा दी है।

युवा कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि पुलिस कार्रवाई की आशंका के चलते उन्हें अपने घरों से दूर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तारीफ कर रहे हैं। इन नेताओं में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर शामिल हैं।

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