शिमला , मार्च 17 -- हिमाचल प्रदेश में भले ही प्रशासन एलपीजी, ईंधन और उर्वरकों की कोई आधिकारिक कमी नहीं होने का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत आपूर्ति श्रृंखला पर बढ़ते दबाव की ओर इशारा कर रही है और व्यावसायिक एलपीजी, पेट्रोलियम उत्पादों तथा यूरिया की कमी से राज्य के कई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होने लगी हैं।

विभिन्न जिलों से मिल रही रिपोर्ट्स के अनुसार छोटे खाने-पीने के प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं, पेट्रोल पंप सूख रहे हैं और किसान एवं बागवान जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को लेकर चिंतित हैं। बाहरी आपूर्ति पर निर्भर इस पहाड़ी राज्य में कृषि, बागवानी, परिवहन और पर्यटन-आतिथ्य क्षेत्र पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

शिमला के बाहरी इलाके में जाठियादेवी के पास एक पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की खबर है, जिससे किसानों को पावर टिलर और सिंचाई उपकरण चलाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से पेट्रोल लाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य प्रभावित होने लगे हैं। सेब उत्पादक क्षेत्रों में बागवानों ने यूरिया की गंभीर कमी की शिकायत की है।

जुब्बल के एक बागवान गोविंद सिंह ने बताया कि सीजन के महत्वपूर्ण समय पर यूरिया की अनुपलब्धता से किसानों और सेब उत्पादकों दोनों को नुकसान हो रहा है।

राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जो राज्य और केंद्र सरकार के नियंत्रण से बाहर है।

लाहौल-स्पीति से एलपीजी डायवर्जन के आरोपों के बीच हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (एचपीएससीएससी) ने स्पष्ट किया कि अधिक मांग वाले क्षेत्रों में आपूर्ति संतुलित रखने के लिए सरकारी निर्देशों के तहत सिलेंडरों का पुनर्वितरण किया गया है।

लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने कालाबाजारी की रिपोर्टों को खारिज करते हुए इसे आपातकालीन लॉजिस्टिक व्यवस्था का हिस्सा बताया।

शिमला में मिडिल बाजार, लोअर बाजार और राम बाजार के कई भोजनालय एलपीजी की कमी के कारण बंद हो गए हैं। 'रिट्ज 1873' के पास एक फूड आउटलेट के कर्मचारी ने बताया कि उनके पास आखिरी एलपीजी सिलेंडर बचा है और नयीई आपूर्ति नहीं मिलने पर दुकान बंद करनी पड़ सकती है। कुछ होटल-रेस्तरां ने काम चलाने के लिए डीजल आधारित ओवन का सहारा लिया है।

मिडिल बाजार में दवा दुकानों का संचालन करने वाले श्री नरेंद्र शर्मा ने बताया कि सामान्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। पास की एक चाय की दुकान एलपीजी की कमी के कारण बंद हो गई है, जिससे दुकानदारों को लोअर बाजार से चाय मंगवानी पड़ रही है।

इस बीच शिमला पुलिस ने एक एलपीजी सिलेंडर चोर को गिरफ्तार कर उसके पास से अवैध सिलेंडर बरामद किया है। यह कार्रवाई एक स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद की गई।

एलपीजी की कमी के चलते लोग 25 दिन पूरे होने से पहले ही दूसरा सिलेंडर भरवाने के लिए लंबी कतारों में लग रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की है कि उनकी एलपीजी बुकिंग नहीं हो पा रही है या अचानक रद्द कर दी जा रही है।

हाल ही में हुई बारिश से बागवानी क्षेत्रों में यूरिया की मांग बढ़ गई है, वहीं ईंधन की कमी से परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकारी दावों के बावजूद राज्य में उभरता आपूर्ति संकट कई क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है।

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