धर्मशाला , फरवरी 21 -- हिमाचल प्रदेश में राज्य के स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपीएसईबी) ने पेंशनधारकों के हितों की सुरक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाते हुए ने छह साल के अंतराल के बाद पेंशन निधि न्यास में व्यापक सुधार की घोषणा की है।

इसके तहत अब न्यास समिति के सदस्य के रूप में दो पेंशनधारक प्रतिनिधियों को नामित किया जायेगा। इसके अलावा भी कई और सुधारों की घोषणा की गयी।

बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने न्यास की एक अहम बैठक बुलाकर पेंशनधारकों की वित्तीय सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े जरूरी बदलावों का एलान किया। सिर्फ 48 घंटों के भीतर जरूरी फैसले लिये गये और उन्हें धीरे-धीरे लागू करने का काम शुरू हो गया है।

पेंशनधारकों की पूरी जिंदगी की सेवा के सम्मान पर जोर देते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि उनके अधिकारों और वित्तीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्राथमिकता दी जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल एक औपचारिक आश्वासन नहीं है, बल्कि मजबूत प्रशासनिक इरादे को दिखाता है, जिसके नतीजे जल्द ही जमीन पर दिखेंगे।

नयी व्यवस्था के तहत पेंशन निधि न्यास की बैठकें अब हर साल नियमित रूप से आयोजित होंगी, ताकि समय-समय पर समीक्षा हो सके और प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके। पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि पेंशन समग्र निधि को प्रतिष्ठित राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किया जायेगा, ताकि पूरी वित्तीय सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

पेंशनधारकों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत न्यास समिति के सदस्य के रूप में अब दो पेंशनधारक प्रतिनिधियों को नामित किया जायेगा। इस कदम से बोर्ड के सामने वास्तविक मुद्दों को सीधे लाया जा सकेगा और समाधान को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

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