शिमला , मार्च 20 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ने सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए विशेष निधि जुटाने हेतु पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 'अनाथ एवं विधवा उपकर' लगाने का प्रस्ताव रखा है।

वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मौजूदा वैट ढांचे में संशोधन करने और अनाथों एवं विधवाओं के कल्याण के लिए एक स्थायी निधि व्यवस्था स्थापित करने हेतु 'हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026' प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों अनाथों और विधवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना और कल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक स्थिर राजस्व स्रोत आवश्यक है।

विधेयक में अधिनियम में एक नई धारा 6-ए जोड़ने का प्रस्ताव है, जो राज्य की कराधान संरचना के भीतर उपकर को औपचारिक रूप से परिभाषित करती है। इस प्रावधान के तहत, राज्य में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर पांच रुपये प्रति लीटर तक का अनाथ और विधवा उपकर लगाने का प्रस्ताव है।

उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए, उपकर को एक निर्धारित तरीके से लगाया जाएगा, जिसकी सटीक दर अलग से अधिसूचित की जाएगी।

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