शिमला , जनवरी 10 -- हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के निर्माणाधीन फोर-लेन सुरंग के ऊपर स्थित दो आवासीय घरों और एक होटल में दरारें आने के बाद बढ़ रही सार्वजनिक चिंताओं के बीच ढली-संजौली बाईपास पर चलौंटी का दौरा किया।

मंत्री के साथ उपजिलाधिकारी मंजीत शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त और शिमला के अतिरिक्त जिलाधिकारी मौजूद थे। एनएचआई के परियोजना निदेशक आनंद शर्मा भी मौके पर उपस्थित थे।

श्री सिंह से बातचीत के दौरान, प्रभावित परिवारों और निवासियों ने कड़ा रोष व्यक्त किया। निवासियों ने अपने जीवन व संपत्ति को खतरे में डालने के लिए सुरंग में लगातार हो रहे विस्फोटों और रात भर चलने वाली निर्माण गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया।

मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए एनएचआई अधिकारियों को सुरंग के अंदर ब्लास्टिंग का काम तुरंत रोकने के निर्देश दिए। परियोजना निदेशक ने आश्वासन दिया कि विस्फोटों को तत्काल रोकने के लिए लिखित निर्देश जारी किए जाएंगे।

मंत्री ने प्रभावित घर मालिकों को सांत्वना दी और उन्हें भरोसा दिलाया कि क्षतिग्रस्त दोनों घरों का अधिग्रहण किया जाएगा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

मकान मालिक अनंतराम शर्मा के बेटे सहित परिवार के सदस्यों के अनुसार, प्रभावित इमारतों का निर्माण लगभग 17 साल पहले हुआ था, जबकि सुरंग का निर्माण पिछले एक साल से चल रहा है। निवासियों ने आरोप लगाया कि विस्फोटों के कंपन से रात में नींद खराब हो रही है। लगभग एक महीने पहले छोटी दरारें दिखाई दी थीं, जो पिछले पांच दिनों में तेजी से बढ़ गईं, जिससे दहशत फैल गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित